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Raebareli News: एम्स के ट्राॅमा सेंटर का मुद्दा गरमाया, दिल्ली तक पहुंची बात

Wed, 11 Feb 2026 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली में दरियापुर ​स्थित एम्स
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ट्राॅमा सेंटर का मुद्दा गरमा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद भी सुविधा व मिलने पर यह बात दिल्ली तक पहुंच गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन में मामले को उठाया। कहा कि एम्स रायबरेली के पीछे सोनिया गांधी का हाथ था, इसलिए अब राजनीतिक द्वेष के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। हालात ये हैं कि नए बजट में सरकार ने एम्स रायबरेली को कुछ भी नहीं दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एम्स में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध होती तो गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे में घायल युवतियों को बचाया जा सकता था।
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आठ अक्टूबर 2013 में एम्स की आधारशिला रखी गई थी, लेकिन आज 12 साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी ये अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ लोगों की सेवा के लिए तैयार नहीं हो पाया है। पहले इस अस्पताल में 960 बेड का प्रारूप था, लेकिन अभी 610 बेड हैं। यहां कुल 200 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्ट है, अभी सिर्फ 37 उपलब्ध हैं। वहीं यहां प्रोफेसर के 33 पद स्वीकृत हैं, जिनमें सिर्फ सात नियुक्त हैं।
वित्त विभाग में अटकी एम्स में ट्रॉमा सेंटर की फाइल
एम्स में हाईटेक ट्रॉमा सेंटर की फाइल वित्त विभाग में अटकी है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पास कर दिया है। ट्रॉमा सेंटर में रेफर होने वाले गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट तक की सुविधा देने का प्रस्ताव है। 100 बेड के सेंटर में दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर जैसी अत्याधुनिक जांच और इलाज से संबंधित मशीनें लगनी हैं। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनेंगे। सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे सहित अन्य सभी प्रकार की जांच मशीनें ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध होंगी।
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इनसेट
रायबरेली एम्स में दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हाईटेक ट्रॉमा सेंटर के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से स्वीकृति मिल चुकी है। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। अत्याधुनिक जांच व इलाज की मशीनों के साथ ही हेलीकॉप्टर भी खरीदा जाएगा। इससे बेहद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक भेजने की सुविधा मिलेगी।
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- प्रो. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक, एम्स रायबरेली
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