रायबरेली में कड़ाके की सर्दी के दौरान शहर के ओवरब्रिज पर पड़ता कोहरा।
रायबरेली। जिले में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सर्द हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे लोग कंपकंपाते रहे। कड़ाके की ठंड के चलते पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए। भोर के समय पाला गिरने से शीतलहर का जोर बना रहा, वहीं सुबह कोहरे और तेज हवाओं के चलने से लोगों को ठिठुरन का अहसास हुआ। सुबह करीब नौ बजे धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन सर्द हवाओं के कारण शीतलहर का असर बना रहा। शाम ढलते ही तापमान में गिरावट और गलन बढ़ने से लोगों ने घरों में रहना अधिक सुरक्षित समझा।
सोमवार को अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि हवा का दबाब अधिक होने से सर्द हवा तेज चल रही है। रात में कोहरा पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में अभी राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
कड़ाके की ठंड के बावजूद, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से गरीबों और निराश्रितों को ठंड से बचने के लिए कूड़ा और पेड़ की टहनियां जलाकर काम चलाना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के कारण ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम न होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
ठंड का प्रकोप बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। शीतलहर के इस प्रकोप से बचाव के लिए जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को ठंड से कुछ राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है।