रायबरेली। मेडिकल और सर्जिकल एजेंसी की दुकान में आग लगने के मामले में बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। इस पर पीड़ित पक्ष ने स्थायी लोक अदालत में पीआईएल दायर की। कोर्ट ने बीमा कंपनी को तीन माह के भीतर 99 लाख 75 हजार रुपये अदा करने का आदेश जारी किया है।
सम्राट नगर गोराबाजार में वंदना अवस्थी की अवस्थी मेडिकल एंड सर्जिकल एजेंसी की दुकान थी। इसका बीमा एजेंसी संचालक ने इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस से कराया था। गत 17 जून 2024 की भोर शार्ट सर्किट से एजेंसी में आग लग गई थी। इस दौरान करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ था। वंदना अवस्थी की तरफ से बीमा क्लेम के लिए कंपनी में गुहार लगाई गई, लेकिन कंपनी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मामला स्थायी लोक अदालत पहुंचा और मामले की सुनवाई शुरू हुई। बीमा कंपनी की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि जिस परिसर में आग लगी, वह बीमित क्षेत्र के बाहर है। साथ ही 8 ए के माध्यम से अपनी आपत्ति जाहिर की। इस पर पीड़ित पक्ष ने अपने सुबूत पेश किए। पीड़ित पक्ष का कहना था कि उन्होंने पूरे परिसर का बीमा कराया गया था।
असल में 23 दिसंबर 2024 को पीड़ित पक्ष की तरफ से बीमा कंपनी को एक नोटिस भेजा गया था, लेकिन कंपनी ने नो क्लेम कर दिया। इस पर पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में गुहार लगाई। स्थायी लोक अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अध्यक्ष चंद्रशीला ने बीमा कंपनी को 99 लाख 75 लाख रुपये तीन माह के भीतर पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि घटना की तिथि से वास्तविक धनराशि की अदायगी तक छह प्रतिशत का ब्याज भी देना होगा। तीन माह में धनराशि अदा न करने पर नौ प्रतिशत का ब्याज लगेगा। 25 हजार रुपये वाद व्यय में भी अदा करना होगा। आदेश के दौरान स्थायी लोक अदालत की सदस्य प्रीति पांडेय व सुधा रानी भी मौजूद रहीं।