रायबरेली। लखनऊ हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों को राहत देने के लिए लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे नवीनीकरण में मनमानी की जा रही है।
अब तक कार्य पूरा भी नहीं हुआ, लेकिन कई जगह से सड़क टूट गई। कई जगह तो गिट्टियां उखड़कर बाहर आ गईं हैं। इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
हाईवे पर 24 घंटे छोटे और भारी वाहनों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद एनएचएआई के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लखनऊ-रायबरेली हाईवे फोर लेन है। लखनऊ से रायबरेली की तरफ आने वाले टू लेन का नवीनीकरण का काम पूरा हो गया। अब रायबरेली से लखनऊ जाने वाले टू लेन पर नवीनीकरण का कार्य कराया जाना है। हाईवे पर कराए गए कार्य में कई जगह सड़क टूट गई है।
छजलापुर, प्रगतिपुरम के पास नवीनीकरण के लिए डाली गई लेयर टूट गई है। इसी तरह गोल चौराहे के पास लेयर टूटी है। हाईवे के टूटने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रगतिपुरम के रहने वाले रामजियावन, केसरी नंदन, बलजीत कुमार ने बताया कि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार तेज होती है। सड़क टूटी होने से वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते है।
इस वजह से पीछे से आ रहे वाहन चालकों को दिक्कत होती है। किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। नवीनीकरण का काम सर्दी के समय कराया जा रहा है।
यही नहीं यह मौसम इस कार्य के लिए अनुकूल नहीं है। इतना ही सर्दी के बावजूद रात में काम कराया जा रहा है। उधर, एनएचएआई लखनऊ के पीडी एनएन गिरि ने बताया कि हाईवे पर डाली गई लेयर टूटने की जानकारी नहीं है। काम करा रही फर्म से हाईवे को ठीक कराया जाएगा।