तेज धूप में सिर पर गमछा रखकर जाते छात्र। संवाद
रायबरेली। गर्मी के तेवर हर दिन तल्ख होते जा रहे हैं। लू के थपेड़ों से शरीर झुलस रहा है। चिकित्सकों ने धूप से बचने की सलाह दी है। पानी की कमी से बेहोशी और चक्कर आने का खतरा बताया गया है। लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
शुक्रवार को सुबह छह बजे से ही गर्मी का असर दिखने लगा। उमस का जोर रहा और उसके बाद धूप निकलते ही बेचैनी होने लगी। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लू हर किसी को बेहाल करती नजर आई। पक्षियों का चहचहाहट भी इस समय थम सी गई है। पशु भी सड़कों पर नहीं दिख रहे हैं। हर कोई गर्मी से परेशान है।
शहर में फिरोज गांधी कॉलेज चौराहा के पास एक घड़ा रखवाया गया है और कहीं पर भी प्याऊ की व्यवस्था नहीं है। महिला अस्पताल के पास कूलिंग सेंटर बना है, लेकिन वहां भी पानी कम ही रहता है। इसके अतिरिक्त कूलिंग सेंटर जगह-जगह बनवाने के दावे किए गए थे, लेकिन वह हवाहवाई हैं। सिविल लाइन, गोरा बाजार, सुपर मार्केट, बस स्टेशन चौराहा व मोटल चौराहा कहीं पर भी प्याऊ की कोई व्यवस्था नहीं है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रहा। इंंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि लू का असर अभी और बढ़ेगा। यलो अलर्ट जारी किया गया है।