लोक निर्माण विभाग में बाबुओं के पटल परिवर्तन को लेकर खंड प्रथम के एक्सईएन ने एक सप्ताह में तीसरी बार एक नया फरमान जारी किया है। पहले 27 बाबुओं का पटल परिवर्तन करने, फिर इस पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था।
इस पर पटल परिवर्तन के पुराने आदेश को मान्य रखने का आदेश जारी किया है। उधर, इसी विवाद में कार्यवाहक प्रशासनिक अफसर से हुई अभद्रता के मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। यह मामला विभाग में चर्चा का विषय बना है।
पीडब्ल्यूडी प्रथम खंड के एक्सईएन केके श्रीवास्तव ने पिछले सप्ताह मलाईदार कुर्सियों पर जमे करीब 27 लिपिकों के कार्यों में फेरबदल कर दिया था। एक्सईएन का यह आदेश विभाग के कर्मचारियों में विवाद की वजह बन गया।
एक गुट के कर्मचारियों के दबाव में आकर एक्सईएन को मजबूरन आदेश को निरस्त करना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी विवाद नहीं थमा। इसी को लेकर कर्मचारियों ने कार्यवाहक प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र कुमार से दफ्तर में न सिर्फ अभद्रता की थी, बल्कि उन्हें धमकाया भी था।
इस घटना के बाद एक्सईएन ने अपने पटल परिवर्तन के आदेश पर दिए गए स्टे को रद्द कर दिया है। वहीं अफसर से अभद्रता के मामले में चार सदस्यीय कमेटी भी गठित की है। एक्सईएन ने बताया कि लिपिकों के पटल परिवर्तन का आदेश लागू रहेगा।
तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं प्रशासनिक अफसर से अभद्रता के मामले की जांच के लिए एई आनंद वर्मा की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। टीम को जांच करके अतिशीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।