रायबरेली। साहबगंज बाजार में रात दो बजे तेज धमाका हुआ तो गहरी नींद में सो रहे लोग जाग गए। हर तरफ से क्या हुआ... की आवाज आने लगी। सभी घर से बाहर निकल आए। कई को लगा कि किसी ने फायरिंग की है। बाद में यूनुस के घर विस्फोट होने की जानकारी हुई। धमाके के बाद लोग सो नहीं पाए।
साहबगंज बाजार में ही रह रही रिश्तेदार फातिमा कहती हैं कि मौके पर पहुंची तो देखा कि मकान जमींदोज था। यूनुस और उनके परिवार के लोग मलबे में दब थे। चीख पुकार मची तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस आई। हादसे में अख्तरुन की मौत हो गई। सोचा भी नहीं था कि ऐसा हादसा हो जाएगा।
फातिमा कहती हैं कि गनीमत रही कि आसपास के लोगों की जान बच गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकान दरक गए। अगर इनके मकान ढह जाते तो अन्य लोगों की जान चली जाती। योगेश बताते हैं कि उनका घर 100 मीटर दूर है।
इस तरह का हादसा उनके गांव में कभी नहीं हुआ। मौके पर पहुंचा तो देखा कि यूनुस का मकान जमींदोज हो गया है। खौफ ऐसा रहा कि रातभर सो नहीं पाए। इसी तरह ओम प्रकाश, राम नरेश, राम चंद्र, रामशंकर, राम मिलन, राम प्रसाद, रवि, राम प्रसाद, मनोज, कलावती के घरों की दीवारें भी दरक गईं।
धमाके से सुन्न हुए कान
साहबगंज बाजार में जिस तरह धमाका हुआ, उसने आसपास के घरों को हिलाकर रख दिया। जिनके कानों ने धमाके की आवाज सुनी, उनके कान कुछ सेकेंड के लिए सुन्न से हो गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह का कहना है कि जिस तरह से विस्फोट के बाद जो स्थिति उभर कर सामने आई है, उससे धमाके की आवाज के 120 डेसिबल से अधिक होने की आशंका है। सिलिंडर फटने पर एक किमी. दूर लोगों को धमाके की आवाज लगभग तीन सेकंड बाद सुनाई देती है। इसकी गति करीब 343 मीटर/सेकंड की होती है।
पहले भी हुए हैं विस्फोट
डीह में 18 वर्ष पूर्व दोहरी गांव में कच्ची कोठरी के भीतर पटाखा बनाते समय विस्फोट हुआ था। इसमें पूरी कोठरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। मो. शरीफ की मौत हुई थी।
नसीराबाद के पूरे लाल पांडेय मजरे राई में 11 फरवरी 2021 को सुबह करीब नौ बजे पटाखा व्यवसायी के यहां विस्फोट हुआ था। इसमें मोहम्मद मुख्तियार के बेटे मासूम (18), पुत्ती (14) व कौशल (6) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सरेनी के मलकेगांव में 2023 में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में झुलसे चार बच्चों में दो की मौत हुई थी। दीपावली के लिए घर के भीतर पटाखे बन रहे थे। नसरीन बानो की फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। घटना में मनीष कुमार, सौरभ, शीजा व गोविंद गंभीर रूप से झुलस गए थे। बाद में मनीष कुमार व सौरभ की मौत हो गई थी।
महराजगंज के पहरेमऊ गांव से लगभग 500 मीटर दूर आम की बाग में 14 मार्च 2024 को पटाखा बनाने समय विस्फोट हुआ था। वीरेंद्र कुमार और शिवम दोनों लाल मोहम्मद की बाइक से बारूद लेकर आए थे और दोनों ने पटाखा बनाना शुरू किया था कि विस्फोट हो गया था। इसमें वीरेंद्र के परखच्चे उड़ गए थे।