रायबरेली। आरोपी स्कूल बस चालक शनिवार से ही तीसरी कक्षा की छात्रा के पीछे पड़ा था। सोमवार को भी स्कूल से वापसी के समय सुनसान नहर पर बस रोककर छेड़खानी की थी। छात्रा के शोर बचाने पर धमकाकर मुंह बंद करा दिया। मंगलवार को हौसला बढ़ा और उसने बस में ही छात्रा से दुष्कर्म कर दिया। घटना के बाद से अभिभावक बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंंतित हैं।
प्रबंधक का खास बताया जा रहा आरोपी
छात्रा के साथ दरिंदगी करने वाला आरोपी बस चालक धीरेंद्र स्कूल प्रबंधक का खास बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह पहले प्रबंधक की गाड़ी चलाता था। दो वर्ष पहले उसे बस चलाने की जिम्मेदारी दे दी गई। प्रबंधक का करीबी होने के कारण वह स्कूल में मनमाने तरीके से कार्य करता था। उधर, प्रबंधक अजय शर्मा का कहना है कि स्कूल बस में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं।
सीएचसी में अधिवक्ताओं का हंगामा, फांसी देने की मांग
स्कूल बस चालक धीरेंद्र यादव के मेडिकल के लिए पुलिस उसे लेकर सीएचसी महराजगंज पहुंची। इसकी सूचना पर अधिवक्ता भी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अधिवक्ता रणविजय सिंह, गोलू सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रिंशू वैश्य, निहाल अवस्थी ने कहा कि बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह वकीलों को शांत कराया।
निजी स्कूलों के चालकों-परिचालकों के चरित्र पंजीयन की होगी जांच
निजी स्कूलों के चालकों और परिचालकों के चरित्र पंजीयन की जांच कराई जाएगी। इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। एआरटीओ को भी इसके लिए निर्देश दिए जाएंगे। जिले में जितने भी निजी स्कूल हैं, उनकी जांच होगी। पता लगाया जाएगा कि बस व वैन के लिए रखे गए चालक की बैकहिस्ट्री क्या है?
सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन
महराजगंज की घटना से सभी स्तब्ध, सुरक्षा की बढ़ी चिंता
रायबरेली। छात्रा से बस में दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिले के 18 थानों में एंटी रोमियो टीमें गठित हैं, जिनका काम स्कूलों और चौराहों पर महिलाओं, बेटियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। मनचलों पर कार्रवाई भी करना है। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर भरोसा पुख्ता नहीं हो पा रहा है।
निजी स्कूलों के चालकों-परिचालकों का पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए। छात्राओं को स्कूल से घर जाते समय बसों में महिला स्टॉफ की तैनाती भी होनी चाहिए, लेकिन अधिकतर निजी स्कूल बसों में महिला स्टॉफ की तैनाती ही नहीं है। यही वजह रही कि महराजगंज में छात्रा के साथ दरिंदगी हुई।
बसों में लगे होने चाहिए सीसीटीवी कैमरे
बेटियों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे भी लगे होने चाहिए, लेकिन जिले में यह व्यवस्था नहीं दिखती। नाम ना छापने की शर्त पर निजी स्कूल संचालक बताते हैं कि पैसा अधिक खर्च होता है। इसलिए बसों में महिला स्टॉफ की तैनाती और सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाते।
इतने हैं निजी स्कूल
शिक्षा विभाग के मुताबिक एक से लेकर पांच तक 542 स्कूल, कक्षा छह से लेकर आठ तक 115, कक्षा एक से लेकर आठ तक 191, कक्षा नौ से 12 तक 262 निजी स्कूल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार किसी भी निजी स्कूल में छात्राओं को घर से स्कूल छोड़ने के लिए वाहनों पर महिला स्टॉफ की तैनाती नहीं की गई है।
चरित्र प्रमाणपत्र पंजीयन अनिवार्य : बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शीवेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि निजी स्कूलों के चालकों-परिचालकों का चरित्र प्रमाणपत्र पंजीयन होना अनिवार्य है। इसकी जानकारी निजी स्कूल संचालक परिवहन विभाग के अधिकारियों को देते हैं। बेसिक शिक्षा स्तर पर बालिकाओं की हिचक खत्म हो और उनके साथ किसी तरह की घटना न हो, इसके लिए मीना मंच को बराबर सक्रिय किया गया है। बेसिक शिक्षा के अधिकारी बच्चियों की कार्यशाला भी करते हैं। महराजगंज की घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। निजी स्कूलों पर विभाग का नियंत्रण नहीं है। इनकी लगातार शिकायतें आ रही हैं, जिसके लिए शासन स्तर पर भी अवगत कराया जाएगा।
चालकों का नहीं हो रहा वेरिफिकेशन : एआरटीओ
एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि किसी बस का नया परमिट हो या फिर परमिट रिनीवल होता है तो उसमें पुलिस वेरिफिकेशन मंगाया जाता है। होता यह है कि जिसके नाम का वेरिफिकेशन कराया जाता है उसकी जगह दूसरे से वाहन चलवाया जाता है। निजी स्कूल संचालक इसकी जानकारी भी नहीं देते हैं।
जिले में गठित एंटी रोमियो टीमें स्कूलों में जाकर बेटियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करती हैं। कहीं कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाती है। सीओ व थाना प्रभारियों को महिला उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
संजीव कुमार सिन्हा, अपर पुलिस अधीक्षक