रायबरेली। गो संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही। विश्व सनातन सेना गो रक्षा की टीम बुधवार को खीरों व लालगंज क्षेत्र की चार गोशालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर प्रशासनिक लापरवाही और गो माताओं की दयनीय स्थिति सामने आई। कई जगह गोवंश मृत मिले।
संगठन के प्रदेश प्रभारी संजयानंद महाराज, विधिक सलाहकार रमेश श्रीवास्तव, विजय प्रताप सिंह टीम के साथ खीरों के मेरुई ग्राम पंचायत की गोशाला में पांच गाय मृत मिलीं। कई गोवंश घायल और तड़पते मिले। शिकायत पर पशु पालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृत गायों का पोस्टमार्टम का आश्वासन दिया।
इसके बाद टीम लालगंज के कान्हा गोशाला पहुंची। यहां पर गेट नहीं खोला गया। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यहां सच छिपाया जा रहा है। अकोहरिया गोशाला में व्यवस्थाएं कुछ बेहतर थीं, लेकिन छांव और बीमार पशुओं की देखभाल में कमी दिखी।
दुकनहा गोशाला में भी ताला लगा मिला। संचालक ने गेट खोलने से मना कर दिया। इस मौके पर गौ रक्षा प्रमुख अमरेश पाल, श्यामलाल, सतीश पासवान, अमन, रमन, संजय, राम प्रकाश पासवान, राम सिंह, विकास मौर्य, बउवा यादव, सत्यम पांडेयय, संदीप त्रिवेदी मौजूद रहे।