रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता को दिए 63,012 रुपये के बिजली बिल को निरस्त कर दिया। साथ ही पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को पिछले दो साल में बिजली की खपत का बिल बनाकर उपभोक्ता को देने के आदेश दिया है। उपभोक्ता वहीं संशोधित बिल जमा करेगा।
जिले के महराजगंज क्षेत्र के दशवंतपुर निवासी रंजीत सिंह घरेलू बिजली उपभोक्ता है। उनका आरोप है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम महराजगंज के अधिशासी अभियंता के स्तर से चार साल से बिल नहीं दिया गया। कार्यालय गया तो जानकारी भी नहीं दी गई। अचानक मई 2023 में 63,012 रुपये के बिजली बिल का मैसेज मोबाइल पर आया। 21 जुलाई 2023 को विधिक नोटिस भेजी। नोटिस के बाद भी बिजली के बिल में सुधार नहीं किया गया। उसके बाद उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम, सदस्य सुनीता मिश्रा व प्रतिमा सिंह ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए बिल को निरस्त कर दिया। दो वर्षों की खपत के आधार पर बिल को संशोधित करके देने का आदेश दिया।