रायबरेली में मंगलवार की शाम कचहरी रोड पर रिमझिम होती बारिश ।
रायबरेली। जिले में मानसून की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छा रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की फुहार पड़ रही है, लेकिन झमाझम बारिश नहीं होने से लोगों के साथ किसान भी मायूस हैं। मंगलवार को भी सुबह हल्की फुहार के बाद बादल छाए रहे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ उमस बढ़ गई और लोग पसीने से तरबतर रहे। हालांकि तापमान में गिरावट से रात के समय कुछ राहत मिली।
आसपास के जिलों में लगातार अच्छी बारिश हो रही है, जबकि रायबरेली में केवल छिटपुट फुहारें ही पड़ रही हैं। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के बावजूद जिले में बारिश नहीं हुई। किसानों को उम्मीद थी कि अच्छी वर्षा होने से धान की रोपाई पूरी हो जाएगी, लेकिन कम बारिश के कारण अब तक केवल 60 प्रतिशत रोपाई ही हो सकी है। पिछले चार वर्षों से जुलाई में औसत से कम वर्षा होने का असर खेती पर लगातार पड़ रहा है।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे हल्की बारिश हुई, लेकिन इसके बाद केवल बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर में कुछ देर धूप निकलने से उमस और बढ़ गई। बाद में फिर बादल छाए, मगर बारिश नहीं हुई। यही स्थिति पिछले तीन दिनों से बनी हुई है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को दो बार वर्षा का अलर्ट जारी किया और लोगों के मोबाइल पर संदेश भी भेजे गए, लेकिन बारिश नहीं हुई। बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि हवा के निम्न दबाव का क्षेत्र पर्याप्त सक्रिय न होने से मानसून की अक्षीय रेखा प्रभावी नहीं हो पा रही है। इसी कारण बादल बनने के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो रही है।
मौसम बदलते ही आक्रामक हुए कुत्ते
रायबरेली। मौसम में बदलाव के साथ कुत्तों के काटने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को जिला अस्पताल में 70 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई गई। नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर भी कुत्ते के काटने से घायल हुए और उन्होंने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एआरवी लगवाई। चिकित्सक डॉ. सौरभ ने बताया कि इस समय कुत्तों का प्रजनन काल (मेटिंग पीरियड) चल रहा है, इसलिए वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में कुत्तों को उकसाने के बजाय उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर निकलना चाहिए।