रायबरेली। लालगंज इलाके के बांदा-टांडा हाईवे पर हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि चालक के बजाय क्लीनर ट्रेलर चला रहा था। उसके पास गाड़ी चलाने का लाइसेंस नहीं था। मृतक युवक के चाचा की तहरीर पर चालक-क्लीनर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। चालक-क्लीनर को बुधवार को गिरफ्तार किया गया।
हमीरपुर के कबरई से गिट्टी लादकर ट्रेलर वाराणसी की ओर जा रहा था, जबकि पिकअप जौनपुर से दिल्ली की तरफ जा रही थी। सोमवार रात करीब 12:30 बजे बदई का पुरवा के पास दोनों वाहन आमने-सामने टकरा गए थे। हादसे में पिकअप सवार दिल्ली के विश्वास नगर संजय अमर कॉलोनी शाहदरा निवासी विपिन (36) पुत्र प्रेमचंद्र, उनके चाचा जौनपुर जिले के कुंवरपुर पवारा निवासी अखिलेश सरोज (45) पुत्र फूलचंद्र और पिकअप चालक बुलंदशहर जिले के मूर्ति बिहार चौक शिकारपुर निवासी रोहित (26) पुत्र जवाहरलाल की मौत हो गई थी। ट्रेलर चालक-क्लीनर वाहन छोड़कर मौके से भाग निकले थेे।
विपिन के चाचा बालचंद्र सरोज की तहरीर पर अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने की एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में चाचा ने पुलिस को बयान दिया कि उनके भतीजे विपिन समेत तीन लोगों को जानबूझकर ट्रेलर से टक्कर मारकर हत्या की गई थी। इस पर पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी।
लालगंज कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा गांव निवासी ट्रेलर चालक सुरेंद्र सिंह, कुशीनगर के चौरा थाना क्षेत्र के कनौरा गांव निवासी क्लीनर श्रीराम यादव को घटनास्थल के पास से पकड़ लिया गया है। श्रीराम गाड़ी चला रहा था। जांच में उसके पास लाइसेंस भी नहीं होने की बात सामने आई है।