डलमऊ। डलमऊ गंगा घाट पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल पर गड्ढे हो गए हैं। सरिया दिखने लगी हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बढ़ गई है। पूर्वांचल के जिलों खासकर भारी वाहनों के आवागमन के लिए यह मुख्य मार्ग है।
रायबरेली और फतेहपुर जिले की सीमा पर गंंगा नदी पर पुल न होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत होती थी। तत्कालीन सांसद सोनिया गांधी के प्रयास से डलमऊ में गंगा नदी पर पुल बनाए जाने को हरी झंडी मिली थी। तत्कालीन पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने तीन मार्च 2010 को पुल का लोकार्पण किया था। इससे रायबरेली और फतेहपुर आने-जाने में लोगों को सहूलियत मिलती थी।
प्रतिदिन इस पुल से होकर 15 हजार से ज्यादा भारी वाहन बांदा, महोबा से मौरंग, गिट्टी लादकर पूर्वांचल जिले प्रतापगढ़, प्रयागराज, गोरखपुर आदि को आते-जाते हैं। प्रतिदिन एक लाख लोगों का भी इसी पुल से होकर आना-जाना रहता है। दोनों जिलों के बीच व्यापारिक दृष्टि से भी यह पुल अहम है। सेतु निगम ने पुल का निर्माण कराकर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर किया था। देखरेख के अभाव में पुल जर्जर हो गया है। पुल पर गड्ढे हो गए हैं। स्लेब कभी भी ढह सकती है। पिलर से सरिया दिख रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मोहित यादव ने बताया कि गंगा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो पुल का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
मरम्मत न होने पर थम जाएगा व्यापार
बड़ामठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज बताते हैं कि डलमऊ गंगा नदी पर बना पुल जर्जर है। तत्काल पुल की मरम्मत न हुई तो आवागमन थम जाएगा। इससे दोनों जिलों के लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। तीर्थ पुरोहित सभा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप मिश्रा कहते हैं कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पुल के जर्जर होने की जानकारी नहीं है। व्यापार मंडल डलमऊ के अध्यक्ष रामगोपाल वैश्य कहते हैं कि रायबरेली और फतेहपुर जिलों के व्यापारियों का व्यापार इसी पुल के रास्ते होता है। यदि पुल जर्जर हो जाएगा तो इसका असर व्यापार पर भी पड़ेगा।
सेतु निगम के एमडी को लिखा जा रहा पत्र
गंगा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी हुई है। पुल की मरम्मत के लिए सेतु निगम के एमडी को पत्र लिखा जा रहा है। अगर यह पुल बंद हो गया तो काला कांकर से लोगों को फतेहपुर और रायबरेली आना-जाना होगा। मरम्मत कार्य जल्द कराने की प्रक्रिया कराई जाएगी।
- डॉ. मनोज कुमार पांडेय, ऊंचाहार विधायक