रायबरेली। लालगंज क्षेत्र में एक युवक डेंगू से संक्रमित मिला। गांवों में टीमों को जुकाम, बुखार के 1200 से अधिक मरीज मिले। इसमें हालत बिगड़ने पर रविवार को 30 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों को संक्रामक रोगों से बचने के लिए जागरूक कर रही हैं। अब तक डेंगू के नौ मरीज मिल चुके हैं।
लालगंज क्षेत्र के आनापुर निवासी दिव्यांशू (26) को समस्या होने पर अस्पताल पहुंचाया गया। आशंका होने पर डेंगू की जांच की गई तो युवक डेंगू संक्रमित मिला। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद रविवार को लालगंज सीएचसी के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ललित कुमार व अतुल कुमार की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की।
परिवार के लोगों की सेहत जांचने के साथ ही ब्लड के सैंपल भी लिए। लोगों में दवाओं का वितरण किया। मरीज व परिवार के अन्य लोग स्वस्थ मिले। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर जुकाम, बुखार के मरीजों को चिह्नित कर रही हैं। रविवार को बुखार व डायरिया की चपेट में आने के बाद अदिति (19), आराध्या (3), संगमलाल (25), सत्यम (23), फिरदौस (35), संचिता (9), विद्यावती (60), आत्म प्रकाश (24), रामनाथ (60), आंचल (4), गायत्री (55), बजरंग (42) समेत 30 से अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
डेंगू के लक्षण व उपचार
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि पहले से संक्रमित व्यक्ति को यदि कोई मच्छर काटता है तो वायरस उस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। यही मच्छर अगर किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो उसे डेंगू होने का खतरा रहता है। डेंगू के प्रमुख लक्षण तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं।
सीएचसी अधीक्षकों को किया अलर्ट
डेंगू का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें और मच्छरों से बचने का प्रयास करें। सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। अस्पतालों में दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त कराए गए हैं। सीएचसी स्तर पर भी किट से डेंगू की जांच की व्यवस्था की गई है।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ