परशदेपुर। डीह के परशदेपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर गांव में 55 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर रामनिहोर पटेल का बृहस्पतिवार की सुबह गेहूं के खेत में संदिग्ध अवस्था में शव मिला। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। श्रमिक की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। शरीर पर चोट के निशान नहीं है। साथ ही शव जमीन पर सीधा पड़ा मिला है। आशंका जताई जा रही है कि ठंड लगने से मौत हुई है।
परिवार के अनुसार रामनिहोर पटेल बुधवार को गांव के ही एक पूर्व कोटेदार के खेत में पानी लगाने के लिए गए थे। शाम ढलने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे तो उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। वहीं कोटेदार के बेटे त्रिदेव ने बताया कि रामनिहोर दोपहर एक बजे ही काम के लिए निकल गए थे। बृहस्पतिवार की सुबह जब गांव के लोगों ने गेहूं के खेत में रामनिहोर का शव देखा तो उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में परिजन खेत पहुंचे और शव देखकर दंग रह गए। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज मोहित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रथम दृष्टया मौत का कारण ठंड लगना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल
पति रामनिहोर की मौत से पत्नी जग्गू देवी सदमे में हैं। वह बार-बार यही कह रही हैं कि हे भगवान, अबैय तो ठीक ठीक गएन रहे, इकाव होइ गवा। रामनिहोर पटेल अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे सुनील कुमार, विनोद कुमार, मनोज कुमार और एक बेटी मोहिनी रागिनी को छोड़ गए हैं। वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।