रायबरेली। एआरटीओ प्रशासन अरविंद यादव को अब एआरटीओ प्रवर्तन की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। अवैध वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज होने पर एआरटीओ प्रवर्तन अंबुज अवकाश चल रहे हैं। ऐसे में ओवरलोड समेत अन्य वाहनों की चेकिंग का काम ठप चल रहा था। इस कारण परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ प्रशासन को प्रवर्तन की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं पुलिस नामजद एआरटीओ-पीटीओ समेत अन्य आरोपियों के अवैध वसूली में शामिल होने के साक्ष्य जुटा रही है।
बीते दिनों लालगंज कोतवाली में एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश तिवारी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि की धारा में केस दर्ज कराया गया था। मामले में दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को जेल भेजा गया है। मामला उजागर होने के बाद से एआरटीओ-पीटीओ अवकाश पर चले गए हैं। इससे जिले में वाहनों की चेकिंग का काम ठप पड़ा था। विवेचक सीओ लालगंज अमित सिंह ने बताया कि रायबरेली-फतेहपुर के एआरटीओ-पीटीओ आदि आरोपियों के बारे में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।
रायबरेली से बहराइच तक फैला लोकेटरों का जाल
खनिज वाहनों को लोकेशन देने वाले लोकेटरों का जाल रायबरेली से बहराइच तक फैला है। सूत्रों का दावा है कि कपिल तिवारी समेत 25 ऐसे लोकेटर हैं, जो वाहनों को पास कराने का काम करते हैं। इसमें कई ढाबा संचालक भी शामिल हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से लोकेटर भूमिगत हैं। फतेहपुर में रायबरेली के रहने वाले जिस लोकेटर कपिल तिवारी पर केस दर्ज कराया गया है, उसका एक गिरोह है। इस गिरोह में कपिल के अलावा कुल 25 लोग शामिल हैं।