रायबरेली। हरिओम हत्याकांड के बाद पुलिस की सख्ती के चलते चिह्नित किए गए 15 आरोपियों ने दूसरे राज्यों में शरण ले ली है। ऐसे में इन आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। एसओजी के साथ ही ऊंचाहार कोतवाली की एक टीम दूसरे राज्यों में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
फतेहपुर निवासी हरिओम वाल्मीकि की एक अक्तूबर की रात जिस तरह बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या की गई थी, उसने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे, बल्कि यह मामला देशभर में सियासी मुद्दा बन गया है। पुलिस सवालों के घेरे में घिरी तो आरोपियों पर एक्शन करना शुरू किया। हत्याकांड में अब तक 11 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की तरफ से चिह्नित किए गए लगभग 15 आरोपी मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य कई गैर प्रांतों में जाकर छिप गए हैं। पुलिस के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डाड़ेपुर, बाहरपुर, ईश्वरदासपुर समेत अन्य गांवों के ज्यादातर लोग नाते-रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। महिलाएं ही घरों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। पुरुषों को चिंता सती रही है कि पुलिस कहीं उन पर कार्रवाई न कर दें।
लोगों में नाराजगी, बोले-निर्दोषों को भेजा गया जेल
हरिओम हत्याकांड में बाहरपुर गांव के सहदेव पासी, मखदूमपुर गांव के व्यापारी शिव प्रसाद अग्रहरि व शिवम के रिश्तेदार सुरेश गुप्ता को जेल भेजने पर लोगों ने नाराजगी जताई है। जमुनापुर गांव के शिवकमल सिंह, पचखरा गांव के पूर्व प्रधान दिनेश सिंह, रामकुमार पाल व व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि तीनों आरोपियों का घटना से कोई लेनादेना नहीं था। बावजूद पुलिस ने जेल भेज दिया है। जो लोग घटना में शामिल हैं, उन पर ही कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो इस मसले को लेकर एसपी से मुलाकात की जाएगी।
घटनास्थल से डंडा बरामद : सीओ
सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि हरिओम हत्याकांड में वारदात में प्रयुक्त डंडे को घटनास्थल से बरामद किया गया है। पूरी जांच के बाद ही आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। अब तक मामले में 11 हत्यारोपियों को पकड़ा गया है। अन्य आरोपी भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।