रायबरेली। गर्मी के तेवर तल्ख होने लगे हैं। दोपहर में धूप का सामना करना मुश्किल हो गया है। सुबह 11 बजे से गर्म हवा चलने लगी है और दोपहर में लू जैसा अहसास होने लगा है। तेज धूप में गला सूखने से प्यास बुझाने के लिए पानी की जरूरत हो रही है। हालांकि, शाम को मौसम कुछ नरम है, इस कारण रात में सुकून मिल रहा है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल समय से पहले ही तैयार हो गई है।
कृषि विभाग के जानकारों का कहना है कि तापमान जनवरी से ही अधिक बना रहा, इस कारण फसल तय समय से करीब 20 दिन पहले तैयार हो गई है। क्रॉप कटिंग होने पर पता लगेगा कि समय से पहले फसल पकने का पैदावार पर क्या असर पड़ा है। मार्च में ही तापमान 40 डिग्री पहुंच गया है। पिछले साल की तुलना में इस बार औसत तापमान तीन डिग्री अधिक है।
ऐसे में आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण होंगे। गर्मी जिस तरह पड़ रही है, उसने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। दोपहर में लू का अहसास होने से सड़कों पर चहलपहल कम हो गई है। सुबह सात बजे तक मौसम सामान्य रहता है और उसके बाद धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ता रहता है। दोपहर में हाल है कि धूप में एक मिनट खड़ा होना मुश्किल होता है। दोपहर के समय जरूरी काम के सिलसिले में ही लोग सड़क पर निकलते हैं।
गर्म हवा का असर तीन दिनों से अधिक बढ़ा है। बृहस्पतिवार को दोपहर में गर्म हवा की रफ्तार औसत से अधिक रही। करीब तीन किमी की गति से हवा चली। लोगों को राहत के लिए छांव का सहारा लेना पड़ा। वाहन सवार गर्मी से अधिक परेशान रहे। अक्सर जाम से जूझने वाले सिविल लाइन चौराहे पर आवागमन कम रहा।
अधिकतम तापमान 40 डिग्री रहा जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा तथा न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर पश्चिम की हवा चलने से गर्मी बढ़ी है और गर्म हवा की रफ्तार में भी औसत से अधिक तेजी है। अभी न्यूनतम तापमान में भी तेजी आएगी।
किसानों को अधिक करनी पड़ी सिंचाई
इस बार गेहूं की फसल समय से पहले पक कर तैयार हो गई है। 16 जनवरी के बाद से लगातार औसत तापमान बढ़ता रहा। साथ ही कोहरा भी कम पड़ा, जिससे गेहूं की फसल की पैदावार पर असर होना तय माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि मौसम ने इस बार साथ नहीं दिया। नमी कम होने से खेत की सिंचाई ज्यादा बार करनी पड़ी, जिससे लागत भी बढ़ गई है। दाना भी कमजोर है।
फसल कटने के बाद असली तस्वीर सामने आएगी। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडे ने बताया कि समय से जो गेहूं बोया गया है, उसमें अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं, जो गेहूं लेट बोया गया है, उसकी पैदावार कम होने की आशंका है। हालांकि सरसों की फसल अच्छी हुई है। गेहूं पक गया है और कई जगहों पर फसल की कटाई भी शुरू हो गई है। बहुत जल्द डीएम के निर्देश पर क्रॉप कटिंग का जायजा लिया जाएगा।