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आंखों से छलके आंसू, भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के गूंजे नारे

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रायबरेली में मंगलवार को लखनऊ से चलकर जवाहर बिहार कॉलोनी मलिकमऊ शहीद का शव पहुंचा तो उसे लेकर घर क? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जवान शैलेंद्र प्रताप सिंह का शव मंगलवार शाम यहां पहुंचा तो शहीद की एक झलक पाने को जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर आंखों से आंसू छलक पड़े। भारत माता की जय, वंदे मातरम् के नारे गूंजने लगे। कुछ लोगों ने गुस्से का इजहार करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोगों ने जवान पर फूल बरसाए। मां दहाड़े मारकर रो पड़ीं तो पिता रोते-रोते छाती पीटने लगे। पत्नी रोते-रोते बदहवास हो गई। मासूम बेटे कुशाग्र का बिलखना सभी को झकझोर गया। सभी ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि दी साथी जवानों ने सलामी दी।
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मूलरूप से डलमऊ क्षेत्र के मीर मीरानपुर (अल्हौरा) गांव के रहने वाले सीआरपीएफ के जवान शैलेंद्र प्रताप सिंह सोमवार को श्रीनगर में आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हो गए थे। उसके बाद से ही परिवारीजनों समेत सभी को जवान के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार था। करीब चार बजे लखनऊ से शहीद का पार्थिव शरीर जिले की सीमा में पहुंचा तो एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बछरावां से लेकर जवाहर विहार कॉलोनी मलिकमऊ स्थित आवास तक लोग पार्थिव शरीर पर फूल बरसाते रहे। मोहल्ले के मैैदान में पहले से ही श्रद्धांजलि की तैयारी की गई थी।
अपने वीर सपूत को देखने के लिए जनसैलाब के बीच शहीद का शव पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। सभी की आंखों में आंसूू छलक आए। हर ओर जब तक सूरज चांद रहेगा, शैलेंद्र प्रताप सिंह का नाम रहेगा... की गूंज थी। मां सिया दुलारी सिंह, पिता नरेंद्र बहादुर सिंह, पत्नी चांदनी उर्फ दीपा, बहनें शीला, प्रीती, ज्योति के आंसू नहीं थम रहे थे। सभी बिलख रहे थे और लोग उन्हें ढांड़स बंधाते रहे। मां की जुबां पर यही शब्द थे कि उठो बेटे। हम आ गए हैं। तुम्हें कुछ नहीं होगा। सब ठीक हो जाएगा। पत्नी की चीखों ने सभी को रोने पर मजबूर कर दिया। आठ साल का बेटा कुशाग्र ने रोते हुए पिता को श्रद्धांजलि देते हुए सलामी दी तो हर किसी की आंखें भर आईं।
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सीआरपीएफ के डीआईजी दिनेश प्रताप उपाध्याय भी शहीद के घर पहुंचे। इस दौरान डीआईजी ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। डीआईजी की मौजूदगी में जवानों ने शहीद को सलामी दी। डीआईजी ने शहीद के परिवारीजनों को ढांड़स बंधाया और कहा कि हम सब आपके साथ हैं। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। शहर स्थित आवास पर करीब एक घंटे शहीद जवान का पार्थिव शरीर रहा। इसके बाद उसे पैतृक गांव मीर मीरानपुर (अल्हौरा) पहुंचाया गया, जहां शैलेंद्र की एक झलक पाने के लिए ग्रामीण और क्षेत्रीय वासियों का तांता लग गया।
बुधवार को डलमऊ गंगाघाट पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्राम प्रधान आनंद बहादुर सिंह, संजय सिंह, हंसराज सिंह और सुधीर कुमार आदि शैलेंद्र की शहादत पर जहां गर्व महसूस करते हैं, वहीं उनकी आंखें नम हैं। उपजिलाधिकारी डलमऊ सविता यादव और तहसीलदार डलमऊ प्रतीत त्रिपाठी तथा कोतवाली प्रभारी लालचंद सरोज ने श्मशान घाट पहुंचकर घाट का निरीक्षण किया और श्मशान घाट की साफ-सफाई और समतलीकरण कराया गया।
नेताओं ने भी पहुंचकर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने सांसद सोनिया गांधी की ओर से भेजे गए पुष्प चक्र को अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। सदर विधायक अदिति सिंह, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, सलोन विधायक दल बहादुर कोरी, पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद शैलेंद्र की शहादत से अफसर भी गमगीन रहे और उन्होंने पार्थिव शरीर को कंधा दिया। सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इस मौके पर एडीएम एफआर राम अभिलाष, एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर, ईओ बालमुकुंद मिश्रा मौजूद रहे।

रायबरेली में मंगलवार को लखनऊ से चलकर शहीद का शव रायबरेली पहुंचा तो सुल्तानपुर हाईवे के किनारे एक - फोटो : RAIBARAILY

रायबरेली में मंगलवार को जवाहर बिहार कॉलोनी मलिकमऊ में शहीद का शव पहुंचने पर बिलखती मां,पत्नी और ब- फोटो : RAIBARAILY

रायबरेली में मंगलवार को लखनऊ से चलकर जवाहर बिहार कॉलोनी मलिकमऊ शहीद का शव पहुंचा तो पिता को सलामी- फोटो : RAIBARAILY

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