फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगागंज के हेडमास्टर और शिक्षक निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। महराजगंज विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गंगागंज की हालत बहुत खराब है। यहां तैनात हेडमास्टर और सहायक अध्यापक दोनों ही एक पखवारे से गायब हैं। स्कूल नहीं आ रहे हैं। कोई सूचना भी नहीं दी है।
विज्ञापन

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। शिकायत होने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने इस बारे में आख्या बनाकर बीएसए को सौंपी, जिस पर बीएसए ने गुरुवार को हेडमास्टर और शिक्षक दोनों को निलंबित कर दिया।
महराजगंज विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गंगागंज में प्रधानाध्यापक के पद पर उपेंद्र सिंह यादव और सहायक अध्यापक के पद पर राम आशीष तैनात हैं। ये दोनों ही 2 अक्तूबर से बिना किसी सूचना के गैरहाजिर चल रहे हैं। इस बारे में जब अभिभावकों ने शिकायत की तो खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने पड़ताल की।
विज्ञापन

इसके बाद प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने की जानकारी देते हुए 4 अक्तूबर को आख्या बीएसए को सौंपी। इसके अवलोकन के बाद भी बीएसए ने दोनों शिक्षकों के उपस्थित होने का इंतजार किया।
एक पखवारा बीतने तक भी दोनों ने विद्यालय जॉइन किया तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय महराजगंज से संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी हरचंदपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
मिड-डे मील में कीड़े मिलने की जांच रिपोर्ट अटकी
रायबरेली। हरचंदपुर विकास क्षेत्र के कठवारा स्थित दयावती मोदी जूनियर हाईस्कूल में मंगलवार को मध्याह्न भोजन में कीड़े मिलने के मामले में अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। जांच आख्या न मिलने से कार्रवाई भी लटकी हुई है। बीएसए के निर्देश पर बीईओ ने एबीआरसी को विद्यालय भेजकर जांच कराई थी। जांच के दौरान विद्यालय में स्टाफ और बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे।
दूसरी तरफ बीएसए पीएन सिंह ने भी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। अभी तक न तो बीईओ की आख्या आई है और न ही प्रधानाध्यापक का जवाब आया है। जिला समन्वयक (मध्याह्न भोजन) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट और प्रधानाध्यापक का जवाब आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें