रायबरेली। जिले में वर्ष 2017-18 में मनरेगा से करवाए गए कार्यों में गड़बड़झाला पकड़ में आया है। प्राविधिक परीक्षक प्रकोष्ठ लखनऊ (टीएसी) की जांच के बाद बछरावां और शिवगढ़ ब्लॉक के तीन गांवों में 22,895 रुपये का घपला मिला है।
इसके बाद तत्कालीन तीन प्रधानों समेत नौ लोगों से वसूली के आदेश दिए गए हैं। शासन की मंशा पर उपायुक्त मनरेगा ने सभी को तीन दिन में गबन की गई धनराशि को जमा करने के आदेश दिए हैं।
टीएसी ने बछरावां के नीमटीकर में वर्ष 2017-18 में तालाब खोदाई के काम में 11,880 रुपये की गड़बड़ी पकड़ी। मामले में तत्कालीन प्रधान रामसागर, ग्राम विकास अधिकारी सुशीला देवी, तकनीकी सहायक बीके श्रीवास्तव से वसूली के आदेश दिए गए हैं।
इसी तरह शिवगढ़ ब्लॉक के बेड़ारू में संपर्क मार्ग 2930 रुपये की मनमानी पकड़ी गई। तत्कालीन प्रधान कामिनी देवी, ग्राम विकास अधिकारी जमीन, तकनीकी सहायक सुनील कुमार श्रीवास्तव वसूली के आदेश दिए गए हैं।
शिवगढ़ ब्लॉक के ही ग्राम पंचायत गूढ़ा में खड़ंजा निर्माण में 8085 रुपये की मनमानी मिलने पर तत्कालीन प्रधान रामहेत, सचिव मनोज कुमार व तकनीकी सहायक हंसराज से वसूली के आदेश दिए गए हैं। उपायुक्त मनरेगा जीपी कुशवाहा ने बताया कि वसूली आदेश जारी किए गए हैं। धनराशि जमा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली कराई जाएगी।