रायबरेली। कोलवा खुर्द गांव में मंगलवार रात दो गुटों के बीच हुए बवाल के मामले में 17 नामजद और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में पुलिस ने बुधवार को 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बवाल के बाद दो गांवों के लोगों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मंगलवार रात करीब नौ बजे कोलवा खुर्द और इब्राहिमपुर गांव के लोगों के बीच रास्ते पर जाने को लेकर विवाद हो गया था। बात इतनी बढ़ी कि मारपीट के साथ दोनों गुटों की तरफ से ईंट-पत्थर चलाए गए। इसमें पांच लोग घायल हुए। यहां तक हमलावरों ने घायल को लेने गांव पहुंची एंबुलेंस पर भी पथराव किया था।
हालात बेकाबू होते देख तीन थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया था। एएसपी आलोक सिंह, सीओ सदर आशीष निगम मौके पर पहुंचे थे तो हालात सामान्य हुए थे। बुधवार को गांव का माहौल शांत रहा, लेकिन अंदर ही अंदर लोगों में घटना को लेकर आक्रोश रहा। तनाव के मद्देनजर दोनों गांवों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि राजघाट चौकी प्रभारी भगत सिंह की तहरीर पर कोलवा खुर्द निवासी आंचल, विनय कुमार, दिलीपत, जग्गू, रामप्रसाद, सुरेंद्र, श्यामलाल, शिवमूरत, इब्राहिमपुर निवासी देवेश, इंद्रजीत, विवेक, प्रियांशु, इंद्रेश, हनुमान, शिवम और अन्य अज्ञात के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले में एक गुट से कोलवा खुर्द गांव निवासी श्यामलाल, जंगू, शिवमूरत, दिलीप, विनय, सुरेंद्र, रामप्रसाद, इंद्रेश सिंह और दूसरे गुट से इब्राहिमपुर गांव निवासी इंद्रजीत, देवेश, विवेक और प्रियांशु को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
राजघाट चौकी पुलिस की निष्क्रियता सामने आई
कोलवा खुर्द और इब्राहिमपुर गांव के लोगों के बीच मंगलवार की रात जिस तरह बवाल हुआ, समय रहते भारी संख्या में पुलिस बल न पहुंचता तो स्थिति बेकाबू हो जाती। इस घटना से कहीं न कहीं राजघाट चौकी पुलिस की सुरक्षा की पोल भी खुल गई। क्षेत्रीय लोगों की माने तो कई ऐसे लोग हैं, जो आए दिन इस तरह के छोटे विवाद किया करते हैं। पुलिस उनकी निगरानी नहीं करती। गनीमत रही कि सदर कोतवाली प्रभारी के अलावा एएसपी, सीओ सदर के अलावा भदोखर, मिल एरिया थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर आ गए। इससे मामला शांत हो गया।