रायबरेली। वोटर बनने के लिए जिले में बने 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग की आशंका है। जाली प्रमाणपत्रों के सहारे देश भर में संदिग्ध बांग्लादेशी व पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा पासपोर्ट और आधार बनवाने का प्रयास किया जा सकता है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान ऐसे वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर करने का निर्देश दिया है, जिनके नाम पर जाली जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। साथ ही सलोन एसडीएम से कहा गया है कि वह चिह्नित 12 गांव क्षेत्रों के प्रपत्रों की जांच कर संदिग्ध वोटरों का नाम सूची से बाहर करें।
जिले में आरोपी वीडीओ विजय यादव के आईडी पासवर्ड से सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, पाल्हीपुर, दुबहन, औनानीश, पृथ्वीपुर, माधौपुर निनैया समेत 12 ग्राम पंचायतों में 52 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। इस आईडी पासवर्ड का दुरुपयोग दूसरे प्रांतों में भी किया गया। मुंबई में कांदिवली पुलिस ने अली हसन शेख व मुमताज शेख के फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को पासपोर्ट बनवाने के दौरान पकड़ा था। बेंगलुरु में बांग्लादेशी जाकिर का जन्म प्रमाणपत्र जाली मिला था। शासन के आदेश पर इन प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम शुरू हो गया है। अब तक दो हजार से अधिक प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं।
12 गांवों में एक-एक वोटर का होगा सत्यापन
सलोन के 12 गांवों में बने 52 हजार जाली जन्म प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबंधित ग्राम पंचायतों की वोटरलिस्ट से होगा। ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर होंगे, जिनके फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। आशंका है कि फर्जी परिवारों के लोगों के नाम वोटरलिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
एसआईआर में मिले 28 हजार डुप्लीकेट वोटर हटेंगे
एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने बताया कि जिले में एसआईआर का करीब 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब तक हुई जांच में 28 हजार डुप्लीकेट वोटर मिले हैं। इन वोटरों के नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में मिले हैं। डुप्लीकेट वोटरों के नाम सूची से बाहर करने का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही संदिग्ध वोटरों के नाम भी सूची से काटे जाएंगे।