हलोर (रायबरेली)। महराजगंज थाने में तैनात उप निरीक्षक और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ मारपीट के मामले से नाम हटाने के लिए 20 हजार रुपये मांगने का आरोप था। जांच में इसकी पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने दोनों को निलंबित कर दिया।
कपूरपुर गांव निवासी पारसनाथ यादव ने 24 मार्च को गांव के ही प्रेमनाथ यादव व उनके पुत्र प्रभाकर यादव के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। बताते हैं कि घटना के दौरान प्रभाकर यादव ने वहां मौजूद न होने के साक्ष्य दिए थे।
विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक उत्कर्ष केसरवानी ने मुकदमे से प्रभाकर यादव का नाम हटाने के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे थे। मामले में फिर भी प्रभाकर यादव को राहत नहीं मिली तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से उपनिरीक्षक उत्कर्ष केसरवानी द्वारा घूस लेने की शिकायत की थी।
घूसखोरी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा को जांच सौंची। एएसपी की जांच में मामला सही पाया गया। इस पर एसपी ने मामले में संलिप्त दरोगा उत्कर्ष केसरवानी व सिपाही शुभम यादव को निलंबित कर दिया। इसके अलावा विभागीय जांच के निर्देश भी दिए हैं।