एफडीडीआई में फर्जी डिग्री बांटे जाने का आरोप लगाते हुए यहां छात्र-छात्राएं सोमवार को कक्षाएं छोड़कर सड़क पर उतर आए। सभी ने प्रदर्शन और नारेबाजी की। जाम लगाने का भी प्रयास किया। साथ ही प्रबंधन को जमकर कोसा।
उनका आरोप है कि संस्थान में फर्जी डिग्री थमाई जा रही हैं। कई बराबर शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर छात्र-छात्राओं को सड़क से हटाया और अधिकारियों से बात करके शांत कराया। एफडीडीआई के अफसरों ने भी उनको समझाया। करीब एक घंटे तक एफडीडीआई के बाहर अफरातफरी का माहौल रहा।
मौजूदा समय में फुटवियर डिजाइनिंग डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) में करीब 200 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। फर्जी डिग्री बांटे जाने को लेकर पूर्वाह्न स्टूडेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा।
सभी कक्षाएं छोड़कर मुख्य गेट पर आ गए। जब गेट नहीं खोला गया तो नारेबाजी के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्र-छात्राएं कहीं गेट तोड़ न दें, इस भय के चलते गेट खोल दिया गया।
बाहर निकलकर छात्र-छात्राओं ने रायबरेली-सुल्तानपुर राजमार्ग पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। सभी बैनर लिए थे, जिसमें एफडीडीआई ने क्यों दिया छात्रों को इतना बड़ा धोखा, हमारे भविष्य से क्यों हो रहा खिलवाड़, हमें इंसाफ चाहिए लिखा हुआ था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी फर्जी डिग्री समेत अन्य समस्याओं का निपटारा नहीं किया गया तो फिर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह हाल तब है, जब यहां देश के कई प्रदेशों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
इस दौरान सभी ने हाइवे जाम का प्रयास किया। सूचना पर फुरसतगंज थानेदार एपी तिवारी ने फोर्स के साथ पहुंचकर हालात संभाला। उन्होंने स्टूडेंट्स को सड़क से हटवाया। इसके बाद एफडीडीआई के अधिकारियों से बात की।
अधिकारियों ने भरोसा दिया कि गुरुवार तक स्टूडेंट्स की जो समस्याएं हैं, उनका निपटारा कर दिया जाएगा। इस पर सभी शांत हुए। इस बाबत एफडीडीआई के पीआरओ नलिन पांडेय ने बताया कि छात्र-छात्राओं की जो समस्याएं हैं, उनके जवाब उच्चाधिकारी ही दे सकते हैं।