6-रायबरेली में गुरुवार को बस स्टाप पर इलाहाबाद से आए लोगों की जांच करती स्वास्थ्य टीम।
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रायबरेली। रोडवेज की बसों से 101 और स्टूडेंट्स को घर लाया गया। रात में बस स्टेशन पर पहुंचने पर सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद अभिभावकों के साथ होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया। इसके अलावा 13 मजदूरों को बस से झांसी जिले के लिए रवाना किया गया। गत बुधवार की रात अलग-अलग तीन बसों से प्रयागराज से 101 छात्र-छात्राओं को लाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आधी रात तक बच्चों की जांच की गई। बाद में सभी स्वस्थ मिलने के बाद उन्हें परिजनों के साथ होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया।
परिवहन निगम के यातायात अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 101 बच्चों को जांच के लिए शपथपत्र भरवाने के बाद अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया है। सभी को 14-14 दिन होम क्वारंटीन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को बच्चों को पानी और बिस्कुट भी दिया गया। जिले में रहे 13 मजदूरों को झांसी भी बस से भेजा गया है।
रायबरेली। लॉकडाउन में फंसा कोई लखनऊ से मध्य प्रदेश तो कोई छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर पहुंचने के प्रयास में है। गुुरुवार को भी लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर पैदल और साइकिल से घर पहुंचने के लिए लोगों का जत्था देखने को मिला। थकने के बाद कई स्थानों पर सड़कों के किनारे से रुककर भोजन पकाया। खाने-पीने के बाद आगे चल लिए। सभी में घर पहुंचने का जुनून देखने को मिला।
जगतपुर क्षेत्र के भीख पेट्रोल पंप सहित कई स्थानों पर लोगों के रुकने की जानकारी होने पर कोतवाल हरिशंकर प्रजापति ने सिपाहियों को भेजकर जांच कराई। सभी साइकिल से ही अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ जा रहे थे। खाना खाने के बाद घर जाने की जानकारी पुलिस को दी। कई दिनों से पैदल और साइकिल से लोगों के जाने का सिलसिला चल रहा है।