रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के मामले में अब कोई मनमानी नहीं चलेगी। सघन निगरानी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के स्टूडेंट अटेंडेंस प्रोजेक्ट को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ दिया गया है। इसलिए अब रोजाना बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना जरूरी होगा। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर सीधे कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2023 में परिषदीय विद्यालयों की 12 पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन किए जाने के आदेश दिए गए थे, जिनमें उपस्थिति पंजिका भी शामिल थी। इसके लिए स्कूलों को टैबलेट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं, लेकिन शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते डिजिटलाइजेशन पूरी तरह नहीं किया जा सका। खासकर आनलाइन उपस्थिति को लेकर ज्यादा विरोध था, लेकिन अब उपस्थिति को अनिवार्य रूप से आनलाइन कर दिया गया है। स्टूडेंट अटेंडेंस प्रोजेक्ट को माह अक्तूबर से रायबरेली की रैंकिंग निर्धारण में भी शामिल किया जाएगा।
जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि कक्षावार डिजिटल छात्र उपस्थिति पंजिका के माध्यम से प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित छात्रों की संख्या सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगी। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें निर्देश दिया गया है कि विद्यालयों में प्रतिदिन डिजिटल छात्र उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ संबंधित बीईओ को भी जिम्मेदार माना जाएगा।