रायबरेली। आप रेहड़ी पटरी दुकानदार हैं। व्यवसाय करने के लिए रुपये का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। साहूकार भी रुपये नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। न तो खतौनी और और न ही किसी गारंटी की जरूरत। अब आसानी से रेहड़़ी पटरी दुकानदारों को ऋण मिल जाएगा।
वजह, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डलमऊ तहसील के तहत घुरवारा में रेहड़ी पटरी सहकारी ऋण समिति स्थापित हो गई है। समिति के जरिये डलमऊ तहसील क्षेत्र के सभी रेहड़ी पटरी दुकानदार ऋण ले सकते हैं। सहकारिता विभाग में जिला सहकारी बैंक के माध्यम से प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना की शुरुआत रायबरेली से हुई है।
रायबरेली में 160, जबकि अमेठी की तिलोई तहसील में 25 साधन सहकारी समितियां हैं। हर तहसील में एक रेहड़ी पटरी सहकारी ऋण समिति स्थापित की जानी है। डलमऊ के बाद जल्द ही रायबरेली की अन्य तहसील ऊंचाहार, महराजगंज, लालगंज, सलोन, सदर और अमेठी जिले की तिलोई तहसील में यह समितियां स्थापित होंगी। इस समिति में सचिव समेत अन्य स्टॉफ की तैनाती अलग से होगी।
पहली किस्त में मिलेंगे 20 हजार रुपये
मूंगफली, चाट, फल, चाय आदि बेचने वाले रेहड़ी दुकानदारों को आसानी से ऋण मिलेगा। पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये मिलेंंगे। समय से ऋण चुकता करने पर दुकानदार को अधिकतम दो लाख तक ऋण समिति के माध्यम से मिल सकेगा। खास बात ये है कि ऋण पाने के लिए किसी तरह की कोई गारंटी और खतौनी की जरूरत भी नहीं है।
समिति के सचिव मौके पर जाकर देखेंगे कि दुकानदार कितने समय से दुकान कर रहे हैं। पांच साल या फिर 10 साल तक नियमित रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों को ऋण दिया जाएगा। ऐसा नहीं है कि ऋण पाने तक ही दुकानदार दुकान करें। हर माह दुकानदार को सिर्फ एक फीसदी ही ब्याज देना पड़ेगा।
बिना गारंटी दिया जाएगा ऋण
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश में डलमऊ तहसील क्षेत्र के घुरवारा में रेहड़ी पटरी सहकारी ऋण समिति स्थापित की गई है। इस समिति के स्थापित होने से रेहड़ी पटरी दुकानदारों को व्यवसाय करने के लिए साहूकारों के पास नहीं जाना होगा। बिना किसी गारंटी और खतौनी के ऋण दिया जाएगा। इस कार्य के लिए सहकारिता मंत्री की तरफ से पुरस्कृत भी किया गया है। समिति के माध्यम से अब तक 75 दुकानदारों को 20-20 हजार रुपये का ऋण दिया गया है।