रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था करने के लिए क्विक वॉटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिल चुकी है। सिस्टम लगाने के लिए नया नलकूप बनाने की जगह चिह्नित हो चुकी है। नलकूप बनने के बाद जलापूर्ति के लिए सभी प्लेटफाॅर्मों तक नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। ट्रेनों के रुकते ही बोगियों में पानी भर दिया जाएगा, जिससे रास्ते में पानी खत्म होने की समस्या से यात्रियों को जूझना नहीं पड़ेगा।
शहर के रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है। यह स्टेशन अमृत भारत योजना में शामिल है। इसीलिए पुनर्विकास कार्य कराए जा रहे हैं। स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की बोगियों में पानी की समस्या दूर करने के लिए क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने की योजना को भी हरी झंडी मिल गई है। रेलवे स्टेशन पर छह प्लेटफाॅर्म हैं, जिनमें चार प्लेटफॉर्मों पर ट्रेनों का ठहराव होता है। दो प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है, जिससे ट्रेनों नहीं रुकती हैं। प्लेटफॉर्म नंबर 1-ए को छोड़कर बाकी पांच प्लेटफॉर्मों को क्विक वाटरिंग सिस्टम से लैस किया जाना है।
क्विक वॉटरिंग सिस्टम के लिए नया नलकूप (वॉटरपंप) बनेगा। इसके लिए रेलवे अस्पताल परिसर में पिछले हिस्से पर स्थल चयन हो चुका है। नलकूप बनने के बाद यहां से सभी प्लेटफॉर्मों तक नई रिजर्व पाइप लाइन बिछाई जाएगी। भले ही अभी प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर ट्रेनें नहीं रुकती हैं, लेकिन भविष्य में ट्रेनों का ठहराव होगा तो पानी भरने के लिए पहले से व्यवस्था करा लेंगे। इससे भविष्य में दिक्कत नहीं आएगी। प्लेटफॉर्म नंबर 1-ए से जिले के भीतर दौड़ने वाली पैसेंजर ट्रेननें चलती हैं, जिससे इस प्लेटफॉर्म तक पाइप लाइन नहीं बिछेगी।
पानी भरने के लिए देर तक रोकनी पड़ेंगी ट्रेनें
शहर के रेलवे स्टेशन पर रोजाना औसतन 30 ट्रेनें रुकती हैं। इन ट्रेनों की स्टॉपेज अधिकतम पांच मिनट तय है। इतने कम समय में पानी भरना संभव नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सिस्टम लगने के बाद यह निर्धारित कर दिया जाएगा कि किन ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था यहां रहेगी। इन ट्रेनों के ठहराव का समय भी बढ़ाया जा सकता है, ताकि बोगियों में पानी भरने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। इसके साथ ही अचानक किसी ट्रेन की बोगी में पानी खत्म हो गया तो उनमें कुछ ही मिनट में पानी भर दिया जाएगा। समस्या के निस्तारण के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
उच्च स्तर पर बनी रूपरेखा के बाद लिया गया निर्णय
क्विक वाटरिंग सिस्टम के लिए उच्च स्तर पर रूपरेखा तैयार हुई, जिसके बाद लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले रायबरेली समेत कई अन्य स्टेशनों पर यह व्यवस्था कराने का निर्णय लिया गया है। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद कुमार ने बताया कि रायबरेली स्टेशन पर क्विक वॉटरिंग सिस्टम लगाने के लिए रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिली है। रेलवे और उत्तर प्रदेश जल निगम के बीच समझौता हुआ है। नलकूप बनाने के लिए स्थल चयन हो चुका है। पांच प्लेटफाॅर्मों तक नई रिजर्व पाइप लाइन बिछाई जाएगी।