सलोन कोतवाली क्षेत्र के साहबगंज बाजार में पटाखा व्यवसाई के घर में हुए धमाके के बादद जांच करती प
रायबरेली। सहालग में अधिक पैसा कमाने की चाहत में व्यापारी मो. यूनुस ने नियमों को ताक पर रखा। उसकी लापरवाही से उसके परिवार की खुशियां छिन गईं। नियम है कि पटाखे का भंडारण आबादी से दूर किया जाए, लेकिन उन्होंने घर पर ही बड़े पैमाने पर पटाखे एकत्र कर रखे थे। घटना के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर नियमों का पालन यूनुस कैसे नहीं कर रहा था। पुलिस और अग्निशमन विभाग की इस लापरवाही पर नजर कैसे नहीं पड़ी।
साहबगंज बाजार में जिस तरह शुक्रवार रात हादसा हुआ, उससे हर कोई हैरान है। खासकर साहबगंज बाजार के लोग दहशत में हैं। मौजूदा समय में जिले में 100 से ज्यादा लोगों को आतिशबाजी का लाइसेंस दिया गया है। लाइसेंस इसी बात पर जारी होता है कि पटाखा भंडारण आबादी क्षेत्र में नहीं किया जाए। इसके लिए आबादी से दूर कोठरी बनाई जाती है।
इस समय सहालग का दौर भी चल रहा है। वैवाहिक कार्यक्रम में पैसा कमाने के लिए आतिशबाज अधिक से अधिक पटाखा भंडारण किए हुए हैं। जांच में पता चला है कि जिस स्थान का यूनुस का पटाखा भंडारण का लाइसेंस था, वहां पर पटाखा भंडारण किया ही नहीं गया था। उसने एक लापरवाही से उसके परिवार को कभी न भूलने वाले गम मिल गया है।
साथ अन्य लोगों की जान भी जोखिम में डाली गई। हादसे में पत्नी अख्तरुन की मौत हो गई तो स्वयं व्यापारी, उसके बेटा, बहू झुलस गए हैं। गंंभीर चोटें आई हैं। युनूस और उसके परिवार, नाते-रिश्तेदार गमगीन हैं। गमगीन लोग यही कह रहे हैं कि यह सब कैसे हो गया।
सिलिंडर फटने से धमाका
आशंका जताई जा रही है कि जिस स्थान पर पटाखा रखे थे, वहां पर सिलिंडर रखा था। सिलिंडर फटने से तेज धमाका हुआ। पटाखा रखे थे। इसलिए आग लग गई। व्यापारी का मकान जमींदोज हो गया। उसके बेटे का मकान के अलावा अन्य लोगों के मकान भी दरक गए। मुख्य जिला अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह कहते हैं कि समय-समय पर पटाखों की दुकानों की चेकिंग होती है। घर पर पटाखा भंडारण करने से चेकिंग नहीं हो पाती। जिस तरह से तेज धमाका हुआ है, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सिलिंडर फटने के बाद ऐसा हुआ। इसकी पड़ताल कराई जा रही है।