रायबरेली। ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। महत्वपूर्ण ट्रेन वंदेभारत पर पथराव की घटनाएं आम हो गई हैं। बुधवार शाम प्रयागराज से गोरखपुर लौटने वाली वंदेभारत ट्रेन पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी हुई। इससे तीन बोगियों के शीशे टूट गए।
घटना उस समय हुई, जब यह ट्रेन ऊंचाहार से रायबरेली की ओर बढ़ रही थी। रामचंद्रपुर स्टेशन के निकट घटना हुई तो ट्रेन में चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने मुआयना किया। कंट्रोल मैसेज के बाद आसपास के स्टेशनों पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल सतर्क हो गया। आरपीएफ ऊंचाहार ने केस दर्ज कर पत्थर फेंकने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
गाड़ी संख्या-22550 प्रयागराज-गोरखपुर वंदेभारत एक्सप्रेस फर्राटा भर रही थी। प्रयागराज से चलने के बाद यह ट्रेन ऊंचाहार स्टेशन से गुजरते हुए रायबरेली की ओर जा रही थी। रामचंद्रपुर स्टेशन के निकट वंदेभारत पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी हो गई। कोच नंबर सी-11 में सीट नंबर 53 व 54 और कोच नंबर सी-9 में सीट नंबर 63 व 64 पर पत्थराव से शीशे टूट गए। इन सीटों पर कोई यात्री नहीं था। कोच नंबर सी-2 में भी सीट नंबर 20 व 21 पर पत्थर फेंका गया, जिससे शीशा टूट गया। इस सीट पर प्रयागराज के नैनी क्षेत्र स्थित गंगोत्री पुरम निवासी अंकुर रमोला सफर कर रहे थे।
वंदेभारत में ड्यूटी कर रहे सुरक्षाकर्मी ओमप्रकाश पाठक और कमलेश कुमार रजक ने तीनों कोच का मुआयना किया। दो कोच में यात्री नहीं थे, जबकि तीसरे कोच में बैठा यात्री बच गया। यात्रियों से पूछताछ में पता चला कि तीन लड़कों ने एक साथ पत्थर चलाया। ट्रेन की रफ्तार तेज होने से तीनों पत्थर अलग-अलग कोच पर लगे और शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना का पता चलते ही रेलवे सुरक्षा बल ने घटनास्थल पर छानबीन की, लेकिन पत्थर मारने वालों का पता नहीं चल सका है। आरपीएफ ऊंचाहार के प्रभारी संतोष कुमार का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। जल्दी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे।