रायबरेली। सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर काटे गए पेड़ों के मामले में शुक्रवार को कर्मचारियों और अभियंताओं के बयान दर्ज किए गए। संबंधित अभियंताओं से नीलामी के कागजात मांगे गए हैं।
रविवार को जांच में नीलामी से ज्यादा पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई थी। शारदा सहायक नहर से जुड़ी इलाहाबाद ब्रांच का टेल मनीरामपुर के पास बना है। यहां पर सिंचाई विभाग की भूमि है, जिस पर करीब 100 यूकेलिप्टस के पेड़ लगे थे। कुछ दिन पहले इनमें 74 पेड़ों को कटवा दिया गया।
शिकायत होने पर सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार यादव ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी। सहायक अभियंता नमन मिश्रा की अगुवाई में टीम रविवार को मौके पर पहुंची। काटे गए पेड़ों की जांच की। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि मौके पर कुछ पेड़ मिले हैं, जिनमें 75 और 76 नंबर अंकित हैं। इसके पहले नंबर के पेड़ गायब हैं। इन नंबरों के बीच के पेड़ कहां गए, इसकी जानकारी नहीं हो पाई।
जांच अधिकारी नमन मिश्रा ने बताया कि सींचपाल संतोष, सींच पर्यवेक्षक विजेंद्र बहादुर, जिलेदार केके सिंह, चौकीदार धीरेंद्र सिंह के अलावा संबंधित सहायक अभियंता बालचंद्र भारती, जेई मिथुन सोनकर के बयान दर्ज किए गए हैं। सोमवार तक नीलामी के कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया है।