रायबरेली। डीएम माला श्रीवास्तव ने मंगलवार को शहर में जमीनों के कराए गए पांच बड़े बैनामों की मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में दो बैनामों में 14.67 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी।
शहर के नदवी कॉलोनी में मौके पर बने दो मंजिला व्यावसायिक भवन को न दिखाकर क्रेता ने सिर्फ भूखंड का बैनामा कराकर राजस्व को लाखों का चूना लगा दिया। मामले में डीएम ने क्रेताओं पर मुकदमा दर्ज कराकर वसूली के आदेश दिए। जांच में तीन अन्य बैनामे सही पाए गए।
अप्रैल में हुए पांच बढ़े बैनामों की डीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान सत्यनगर की दुकान, गांधी नगर के आवासी मकान व गोकुलपुर के प्लाट पर क्रेताओ द्वारा सही मूल्यांकन कर उचित स्टांप शुल्क अदा किया गया था। डीएम ने नदवी कॉलोनी के 333 वर्ग मीटर व्यावसायिक भूखंड पर महज भूखंड की दर से बैनामा कराया गया, बल्कि भूमि पर दो मंजिला व्यावसायिक निर्माण कराया मिला।
निर्माण भूमि क्रय करने के पहले का था, लेकिन क्रेता ने स्टांप चोरी की नीयत से भवन को बैनामे में न दिखाकर स्टांप की चोरी कर ली। व्यावसायिक निर्माण 25,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 10,45,440 रुपये की स्टांप कमी और 1,49,350 रुपये की निबंधन शुल्क की कमी मिली।
मामले में डीएम ने क्रेता हमदान हाउसिंग एंड डेवलपर्स के डायरेक्टर मो. तस्लीम अंसारी पर कमी स्टांप शुल्क वसूली के लिए मुकदमे के आदेश दिए। इसी प्रकार छजलापुर में लखनऊ प्रयागराज मार्ग पर स्थित 190 वर्ग मीटर भूमि पर निर्माण कराया गया है, लेकिन व्यावसायिक दर न देकर आवासीय दर बैनामा कराया गया।
मामले में 2,38,510 रुपये की स्टांप कमी व 34130 रुपये की निबंधन शुल्क की चोरी मिली। क्रेता मो. आदिल कदीर खान से वसूली के लिए मुकदमे के आदेश दिए।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन हरिश्चंद्र कुशवाहा ने बताया कि डीएम ने पांच बैनामों की जांच की। दो बैनामों में 14.67 लाख से अधिक की स्टांप व निबंधन शुल्क में चोरी पकड़ी। मामले में वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।