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दूसरे स्टेडियम का सपना होगा साकार, बनेगा बहुउद्देशीय हाल, पांच करोड़ रुपये मिले

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रायबरेली। करीब एक दशक से दूसरा स्टेडियम बनने का इंतजार कर रहे लोगों का सपना साकार होने की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। काफी प्रयास के बाद स्टेडियम के लिए बहुउद्देशीय हाल बनाने को पांच करोड़ रुपये मिला।
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कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। इस हाल को बनाने के लिए प्रस्ताव भी बनाकर भेज दिया गया है। जल्द ही खेल निदेशालय की हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। खेल निदेशालय से निर्देश मिलते ही दूसरे स्टेडियम में बहुउद्देशीय हाल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
शहर में जेल रोड पर मोतीलाल नेहरू स्टेडियम है, जहां पहले सभी प्रकार के खेलकूद होते थे। इस स्टेडियम में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ तैयार कर दिया गया, जिससे एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल समेत कई खेलों के लिए जगह कम हो गई। इसीलिए दूसरे स्टेडियम में जरूरत बताते हुए प्रयास शुरू किया गया।
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पिछले एक दशक से दूसरे स्टेडियम के लिए लगातार कोशिशें चल रही हैं। इसके लिए जैतूपुर में जमीन की तलाश हुई। काफी जद्दोजहद के बाद करीब साढ़े चार हेक्टेयर जमीन खेल विभाग को मिल सकी।
इस जमीन पर स्टेडियम तैयार करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये से बहुउद्देशीय हाल और 2.35 करोड़ रुपये से बाउंड्रीवॉल, ओवरहेड टैंक बनवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
काफी प्रयास के बाद खेलो इंडिया के तहत प्रस्ताव मांगा गया था तो उसे मंत्रालय को भेज दिया गया था। इसके बाद करीब छह महीने पहले बहुउद्देशीय हाल बनवाने के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट मिला था।
अब कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। खेल निदेशालय ने सिडको को कार्यदायी संस्था नामित किया है। सिडको से बहुउद्देशीय हाल बनाने के लिए ड्राइंग सहित प्रस्ताव मांगा गया था, जिसे खेल निदेशालय को भेज दिया गया है।
अब खेल निदेशालय के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही खेल निदेशालय से हरी झंडी मिलेगी, दूसरे स्टेडियम में बहुउद्देशीय हाल बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इस स्टेडियम में और भी काम कराने के प्रयास किए जाएंगे।
जैतूपुर में दूसरे स्टेडियम के लिए 4.5 हेक्टेयर जमीन खेल विभाग के पास है। खेलो इंडिया के तहत पांच करोड़ रुपये मिले हैं। इससे बहुउद्देशीय हाल बनवाया जाना है, जिसके लिए खेल निदेशालय ने सिडको को कार्यदायी संस्था नामित किया है। कार्यदायी संस्था ने प्रस्ताव बनाया था, जिसे खेल निदेशालय को भेज दिया गया है। अब खेल निदेशालय से जैसा निर्देश मिलेगा, उसके अनुपालन कराया जाएगा।
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-सर्वेंद्र सिंह चौहान, जिला क्रीड़ा अधिकारी।
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