रायबरेली में शुक्रवार को एसपी कार्यालय के सामने पड़ी पीड़ित महिला और एसपी से न मिलने से उदास बैठे परिवार के लोग।
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न्याय की आस में एसपी दफ्तर पहुंची महिला शुक्रवार को करीब तीन घंटे तक कप्तान की चौखट पर तड़पती रही। पुलिस के तमाम अधिकारी उधर से गुजरे, लेकिन दर्द से कराह रही महिला और उसके बच्चे के आंखों से बहते आंसू देखकर भी नहीं पसीजे।
मीडिया कर्मियों के महिला से बातचीत करते देख पुलिस हरकत में आई। एसपी के निर्देश पर शहर कोतवाल ने महिला को अस्पताल पहुंचाया। बछरावां पुलिस को मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
बछरावां थानाक्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव का रहने वाला जहूर मजदूरी करता है। जहूर का आरोप है कि कुछ लोग उसकी जमीन हड़पना चाहते हैं। गुरुवार को वह लखनऊ मजदूरी करने गया था। इसी दौरान दो-तीन लोगों ने घर में घुसकर उसकी पत्नी को जमकर पीटा।
घर में लूटपाट और तोड़फोड़ भी की। वह पत्नी को सीएचसी ले गया, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया। रिपोर्ट लिखाने थाने गया तो वहां पुलिसकर्मियों ने गेट से ही भगा दिया।
इसके बाद शुक्रवार को वह अपनी घायल पत्नी गरीबुन निशा और बेटे को लेकर कप्तान के दफ्तर पहुंचा था। करीब तीन घंटे तक गंभीर रूप से घायल महिला एसपी दफ्तर के बाहर फर्श पर पड़ी तड़पती रही, लेकिन किसी ने उस ओर ध्यान नहीं दिया।
महिला ने अपनी भतीजी के साथ मारपीट की थी। इसकी रिपोर्ट बछरावां थाने में पहले से ही दर्ज है। इसी पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने के लिए महिला कार्यालय आई थी। महिला के दफ्तर के बाहर पड़े होने की सूचना पर शहर कोतवाल को बुलाकर उसे अस्पताल भिजवाया गया। बछरावां पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए गए हैं। - विनय कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक