रायबरेली। जिले में शनिवार को सभी तहसीलों में हुए संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर खानापूर्ति बन कर रहा गया। लोग फरियाद लेकर आए, लेकिन ज्यादातर लोगों को लौटना पड़ा। सदर तहसील में सबसे ज्यादा शिकायतें 75 शिकायतें आईं, लेकिन अधिकांश लोग आश्वासन लेकर चले गए। मौके पर चार शिकायतों का निराकरण हो पाया।
इसी तरह ऊंचाहार, महराजगंज, डलमऊ, लालगंज, सलोन तहसील में भी समस्याएं सुनी गईं। कुल 183 शिकायतें आईं। इनमें 18 शिकायतों का निस्तारण हो पाया। सदर तहसील में सीडीओ अंजूलता एवं पुलिस अधीक्षक रवि कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों ने लोगों की शिकायत सुनीं। सीडीओ ने लंबित शिकायतों का एक सप्ताह में निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
महराजगंज तहसील सभागार में एसडीएम गौतम सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मौके पर कुछ लोगों की शिकायतें निपटीं, कुछ लोग लौट गए। बबुरिहाखेड़ा निवासी सुभद्रा ने बताया कि 24 फरवरी 2023 को एसडीएम कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। फिर भी उसकी जमीन का रकबा कम दर्ज हैं। जांच में पता चला कि रियल टाइम खतौनी की फीडिंग में आदेश की अनदेखी कर कम रकबा दर्ज किया गया था, जिसे उप जिलाधिकारी गौतम सिंह के निर्देश पर तत्काल ठीक करा दिया गया।
साहब... पेड़ से बांध दिया बिजली का तार
लालगंज। लालगंज तहसील में तहसीलदार शिवम राठौर की अध्यक्षता फरियादियों की शिकायतें सुनी गईं। उत्तरागौरी गांव निवासी विजयपाल, कृष्ण मोहन सिंह, अंजनी ने बताया कि हरिप्रसाद के घर के पास बिजली का केबल नीम की पेड़ से बंधा हुआ है। इससे कोई हादसा हो सकता है। शिकायत के बाद समस्या दूर नहीं हुई। इसी तरह मेरुई ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने सरकारी नाली पर कब्जे की शिकायत की। सातनपुर की नईम ने चक मार्ग दुरुस्त करने की मांग की। इस मौके पर नायब तहसीलदार ऋषभ नागर, बीडीओ गगनदीप सिंह, एसडीओ शिवम वर्मा मौजूद रहे।
रास्ता बंद होने से काटना पड़ रहा चक्कर
ऊंचाहार। तहसील सभागार में एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने लोगों की समस्याएं सुनीं। पूरे सेमान मजरे रामगढ़ टिकरिया के ग्रामीणों शिवकांती, भानवती, शोभा लाल, सरजू देवी, सुमन ने एसडीएम को पत्र देकर बताया कि गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण हो गया। इससे गांव के आम रास्ते का संपर्क मार्ग से जुड़ाव खत्म हो गया। उसे बनाने के लिए एक्सप्रेसवे की ओर से काम शुरू कराया, लेकिन काम बंद करा दिया गया। इससे चक्कर काटना पड़ रहा है। भिखनापुर के रामफेर मिश्र ने भूमि की पैमाइश कराने की गुहार लगाई। कहा कि 12 वर्ष से भूमि को चिह्नित कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।