खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा मजरे चंडौली गांव में रविवार की रात अपराधी पकड़ने गई एसओजी टीम व खीरों पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। ग्रामीण इस कदर आक्रोशित हो गए कि वह पुलिस कर्मियों से मारपीट करने तक पर आमादा हो गए। पथराव में खीरों थाने की जीप के शीशे टूट गए। लोगों ने पुलिस कर्मियों को खदेड़ लिया। पुलिस कर्मियों को रोकने के लिए ग्रामीणों ने रास्ते पर लकड़ियां तक रख दीं। हालांकि बाद में किसी तरह पुलिस कर्मी वहां से जान बचाकर भाग निकले। बाद में भारी पुलिस पहुंचने पर स्थिति संभली। गांव की दो महिलाओं ने थाने में तहरीर देकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट करने का आरोप लगाया है। इतनी बड़ी बात होने के बाद भी पुलिस अफसर पहले मामले को दबाते रहे। बाद में मामला उजागर हुआ तो प्रकरण की जांच कराने का दावा करने लगे।
देर रात एसओजी टीम व खीरों थानेदार बृजमोहन सिंह एक अपराधी को पकड़ने के लिए ठकुराइनखेड़ा गांव पहुंचे थे। इससे वहां के पुरुष व महिलाएं आक्रोशित होकर पुलिस कर्मियों को घेर लिया। साथ ही एसओजी टीम व खीरों पुलिस पर ईंट-पत्थर चला दिए। पथराव से भगदड़ मच गई। पुलिस जीप के शीशे टूट गए। इसकी सूचना थाने पर दी गई। इस पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हंगामा व मारपीट कर रहे लोगों को खदेड़ा। बताते हैं कि इस दौरान पुलिस ने कई ग्रामीणों की धुनाई भी कर दी। काफी देर तक गांव में अफरातफरी रही। गांव की रहने वाली विटान पासी और अंजू पासी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि रात में पुलिस कर्मियों ने घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाए। थानेदार बृजमोहन का कहना है कि दबिश देने गई पुलिस टीम व ग्रामीणों के मध्य कहासुनी हुई थी, लेकिन पथराव की बात झूठी है। महिलाओं की ओर से दी गई तहरीर की जांच कराई जा रही है।
गांव में पसरा सन्नाटा, घरों से भागे लोग
रविवार की रात हुए बवाल के बाद सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव की गलियां सूनी नजर आ रही थी। खाकी की दहशत के चलते कई लोग गांव छोड़कर नाते-रिश्तेदारी चले गए। घटना की बाबत कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सभी
दबी जुबान कहते हैं कि अपराधी पकड़ने के नाम पर पुलिस हम लोगों का उत्पीड़न कर रही है। पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
एक मामले में वांछित चल रहे अपराधी को पकड़ने पुलिस टीम गांव गई थी। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया था, लेकिन पथराव नहीं किया गया है। बाद में लोगों को शांत करा दिया गया। सीओ लालगंज से जांच कराई जा रही है। गांव की स्थिति सामान्य है।
-विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक