माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा-2016 18 फरवरी से शुरू हो रही है। लेकिन परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
कई परीक्षा केंद्रों की बाउंड्रीवाल टूटी है। तो कइयों में बनी ही नहीं। खासकर राजकीय स्कूलों में तैयारियां राम भरोसे हैं। जिले में 159 परीक्षा केंद्र इस बार परीक्षा के लिए बनाए गए हैं।
लेकिन इसमें आधे से अधिक केंद्रों पर पेयजल व बिजली की बड़ी समस्या है। 87,288 परीक्षार्थी इस बार परीक्षा में शामिल होंगे।
खासकर सुबह की पाली की परीक्षा में कक्षा कक्षों में अंधेरा होने के कारण परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना होगा। किसी तरह फर्नीचर की व्यवस्था सभी परीक्षा केंद्रों पर कर ली गई है।
शहर में भी कई ऐसे परीक्षा केंद्र हैं, जहां मानक के विपरीत कक्ष हैं। बिजली की भी समस्या है। परीक्षा केंद्र-आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज की बिजली कटी है। कक्षों
में अंधेरा है।
एक हैंडपंप के सहारे पीने के पानी की व्यवस्था है। कक्ष और
फर्नीचर पर्याप्त है, लेकिन पानी की टंकी काम नहीं कर रही है। इस केंद्र
पर हाईस्कूल के 213 और इंटर के 200 बच्चे परीक्षा देंगे।
सीसीटीवी कैमरे
नहीं लगे हैं। केंद्र व्यवस्थापक हरिशंकर श्रीवास्तव का कहना है कि बिजली
की बिल बकाया होने के कारण कई वर्षों से बिजली नहीं आती है। पेयजल की भी
समस्या है। परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था कराई जा रही है।
परीक्षा केंद्र-जीजीआईसी अजीतपुर की बाउंड्रीवाल
नहीं बनी। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे। पीने के पानी के लिए मात्र एक
हैंडपंप लगा है। एक हैंडपंप खराब पड़ा है।
यहां 305 बच्चे परीक्षा देंगे।
हाईस्कूल में 150 व इंटरमीडिएट में 155 बच्चे शामिल होंगे। फर्नीचर की
व्यवस्था कर ली गई है, लेकिन बिजली दो साल से नहीं आ रही है।
प्रसाधन कक्ष
भी खराब पड़े हैं। केंद्र व्यवस्थापक रजिशराम यादव का कहना है कि उपलब्ध
संसाधन के माध्यम से परीक्षा कराई जाएगी। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए
गए हैं।
परीक्षा केंद्र-जीआईसी रायबरेली में बिजली न रहने पर कक्षों
में अंधेरा रहेगा। यहां भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, क्योंकि इसके
लिए शासन से बजट नहीं मिला है।
जीआईसी में 786 बच्चे परीक्षा देंगे। इसमें
इंटर में 180 व हाईस्कूल में 581 बच्चे हैं। पीने के पानी की भी समुचित
व्यवस्था नहीं है।
प्रसाधन कक्ष भी अस्थायी रूप से बनवाने पड़ेंगे।
प्रधानाचार्य मिथलेश कुमार का कहना है कि शहर के स्कूलों के बच्चे यहां
परीक्षा देंगे। तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है।
डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने कहा कि शहर के कुछ बढे़ स्कूलों में ही सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था हो सकी है। हालांकि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व नकल रोकने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। अधूरी व्यवस्था रखने वाले केंद्र व्यवस्थापकों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।