आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान थाना मोहनगंज से पूरक रिपोर्ट (सप्लीमेंट्री रिपोर्ट) न भेजने पर सेशन कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला जज केके शर्मा ने थानाध्यक्ष मोहनगंज और मामले के विवेचक पर संयुक्त रूप से पांच सौ रुपये हर्जा लगाने का आदेश दिया है।
साथ ही नियत तिथि 21 फरवरी तक समस्त प्रपत्र उपलब्ध न करने व हर्जा न देने पर दोनों के वेतन से कटौती करने को कहा है। थाना मोहनगंज से जुड़े एक जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी सेशन कोर्ट में विचाराधीन है।
सुनवाई के दौरान विवेचक ने पूरक रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आमतौर पर विवेचक केस डायरी, मेडिको लीगल रिपोर्ट आदि समय से नहीं भेजते हैं। इससे सुनवाई टल जाती है। अब समय आ गया है कि इसे खत्म करने के लिए विवेचक व एसओ पर व्यक्तिगत रूप से हर्जा लगाया जाए। जिला जज ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 फरवरी तय की है।