रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही अधिकारियों के पसीने छूटते रहे। मंडल रेल प्रबंधक के जाते ही पसीना सूख भी नहीं पाया था कि पंजाब मेल के इंजन से धुआं निकलने की खबर ने हर किसी की हालत खराब कर दी। पंजाब मेल प्लेटफॉर्म पर लग भी नहीं पाई कि धुएं की खबर ने ट्रेन में ब्रेक लगा दिए।
सारे अधिकारी ट्रेन की तरफ दौड़ पड़े। छानबीन हुई तो पता चला कि ट्रैक किनारे डाले गए चूने का पाउडर उड़ा था। छानबीन के चलते ट्रेन को 18 मिनट तक रोकना पड़ा। हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल रायबरेली स्टेशन पर बृहस्पतिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंच रही थी, तभी ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही इंजन से धुआं निकलने लगा।
इसके कुछ देर पहले ही डीआरएम निरीक्षण करके अमेठी की तरफ गए थे, जिससे स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर ही टहल रहे थे। इंजन से धुआं निकलता देख पंजाब मेल रोक दी गई। यह ट्रेन प्लेटफाॅर्म पर पूरी तरह लग भी नहीं पाई थी। ज्यादातर बोगियां प्लेटफॉर्म से बाहर थीं। धुंआ निकलने की खबर से यात्री भी बोगियों से बाहर निकलने लगे। ट्रेन रुकने पर धुंआ निकलना बंद हुआ तो ट्रेन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाने लगा, जिससे कुछ दूर तक धुंआ निकला और फिर बंद हो गया।
प्लेटफॉर्म पर सही ढंग से ट्रेन लगने के बाद परीक्षण कराया गया तो इंजन में कोई खराबी नहीं मिली, बल्कि छानबीन में पता चला कि यह धुआं ट्रैक पर पड़े चूने के पाउडर के उड़ने के कारण नजर आया है। देर तक ट्रेन रुकने से लेटलतीफी बढ़कर पौन घंटे हो गई। चीफ लोको इंस्पेक्टर गंभीर सिंह ने बताया कि डीआरएम के आने के कारण प्लेटफॉर्म नंबर एक के ट्रैक पर चूने का छिड़काव कराया गया। पंजाब मेल के इंजन के प्रेशर से चूने का पाउडर उड़ा, जो धुआं जैसा लगा। यह समस्या उतनी जगह रही, जहां चूने का छिड़काव था। सब कुछ ठीक मिलने के बाद ट्रेन रवाना कर दी गई।