रायबरेली। बदलते मौसम, दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण व सुबह-शाम छा रही धुंध ने मुश्किल खड़ी कर दी है। जिला अस्पताल में सांस और दमा के मरीज बढ़ गए हैं। रोजाना सांस की समस्या के 15 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में धुएं और मिट्टी के कण सुबह शाम धुंध छाने का कारण बन रहे हैं। ऐसे में सुबह और शाम के समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में बुधवार और सांस की समस्या होने पर सूर्य प्रताप (18), प्रियंका (22), नाजरीन (1), सोनम (11), अमन (23), सबी (1), कृष (1), रानी (80), संपति (75), रेखा (45) आदि मरीजों को भर्ती कराया गया।
धुंध से खांसी, गले व छाती में संक्रमण की आशंका : डॉ. गौरव
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि धुंध से खांसी, गले और छाती में संक्रमण होने की आशंका बन जाती है। यह सभी के लिए नुकसान दायक है। मगर, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद हानिकारक है। बुजुर्ग सुबह टहलने से बचें और घर की खिड़कियां दरवाजे बंद रखें। धूप निकलने के बाद ही घर से निकलें बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर मास्क लगाकर निकलें।
दिल व दमा के मरीज बरतें एहतियात : डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हॉर्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि धुंध शुरू हो गई है। जल्द ही कोहरा भी शुरू होगा। ऐसे में हॉर्ट के साथ ही दमा के मरीज एहतियात बरतें। दमा के मरीज इन्हेलर का प्रयोग कर दवाओं का सेवन करते रहें। हॉर्ट के मरीज सबसे ज्यादा ध्यान दें। धूप निकलने के बाद ही घरों से बाहर निकलें। किसी प्रकार की दिक्कत लगने पर फौरन डॉक्टर से मिलें।