रायबरेली। द्वार पूजा के दौरान घरातियों और बरातियों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले। एक दूसरे को देख लेने की धमकी शुरू हो गई। इससे वहां अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखते ही ज्यादातर लोग भाग निकले। इसके बाद पुलिस के साये में वर ने वधू की मांग में सिंदूर भरकर सात फेरे लिए। विवाद में छह लोग घायल हुए।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के वीरभानपुर गांव निवासी श्रीपाल पासी ने अपनी पुत्री अन्नू की शादी ग्राम सभा कोडरी मजरे धरई निवासी गुल्ले के पुत्र बसंत लाल के साथ तय की थी। गुरुवार को शुभ मुहूर्त में बारात श्रीपाल के दरवाजे पहुँची। स्वागत सत्कार के दौरान वर पक्ष की तरफ से वधू पक्ष के कुछ युवकों में विवाद शुरू हो गया, लेकिन बड़े बुजुर्गों ने दोनों तरफ के युवकों को समझा बुझाकर मौके से हटा दिया। इसके बाद दूल्हे राजा घोड़ी पर बैठकर ढोल नगाड़े के साथ दुल्हनिया के दरवाजे पहुँचे।
वधू का भाई दूल्हे को घोड़ी से द्वारपूजा रस्म स्थल तक लेकर गया। सब कुछ विधि विधान पूर्वक चल रहा था, तभी किसी बात को लेकर फिर घराती और बराती आमने-सामने हो गए और लात-घूंसे चलने लगे। यहां तक कि एक-दूसरे पर कुर्सियां तक फेंकी गई। इससे वहां भगदड़ मच गई। इसी बीच घटना की सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। पुलिस के आने की भनक लगते ही बारात में आए अधिकांश लोग रात में ही भाग निकले।
इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में वर वधू ने सात फेरे लिए। कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया की घटना की सूचना पर चौकी इंचार्ज सुरेश सिंह, घनश्याम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। विवाद में घराती पक्ष से प्रदीप, विक्रम, नितिन और बराती पक्ष से दिनेश, तिरूर, वीरेंद्र घायल हुए।