रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में बच्चे कम आ रहे हैं। साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। अभिलेखों का रखरखाव ठीक नहीं है। नियमित कक्षाएं भी नहीं चलती हैं। कुछ ऐसी ही खामियों का खुलासा निरीक्षण के दौरान हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह पिछले तीन दिन से लगातार परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। अलग-अलग विकास क्षेत्रों में हो रहे निरीक्षण से खामियां सामने आ रही हैं। बृहस्पतिवार को बीएसए ने विकास क्षेत्र सरेनी में चार और विकास क्षेत्र डलमऊ व लालगंज में तीन-तीन विद्यालयों में निरीक्षण किया।
इस दौरान सभी जगह औसत उपस्थिति लगभग 60 फीसदी रही। बीएसए ने लापरवाह शिक्षकों से जवाब मांगने के साथ ही प्रधानाध्यापकों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देशित किया है। साथ ही एक सप्ताह में खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अनुपालन आख्या भी मांगी है। उच्च प्राथमिक विद्यालय सरेनी में 69 बच्चों में से 27 बच्चे उपस्थित मिले। साफ-सफाई नहीं कराई गई। सभी स्टाफ को सुधार लाने के लिए कहा। प्राथमिक विद्यालय हंसापुर में कुल 21 बच्चों में से 12 बच्चे मिले। स्कूल में नामांकन संख्या क्यों नहीं बढ़ी, इस बारे में साक्ष्य सहित आख्या तीन दिन में मांगी।
प्राथमिक विद्यालय झामपुर में 20 बच्चों में से महज छह बच्चे ही उपस्थित मिले। इससे जाहिर है कि स्कूल चलो अभियान का क्रियान्वयन नहीं किया गया है। प्राथमिक विद्यालय गुलालपुर में 35 बच्चों में से 13 बच्चे उपस्थित मिले। यहां भी बच्चों की नामांकन संख्या कम होने पर नाराजगी जताई। लालगंज विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय धन्नीपुर में 223 बच्चों में से 135 बच्चे ही मिले। सहायक अध्यापक शशिबाला व अनूप प्रताप और अनुदेशक स्वाती देवी देर से विद्यालय आए, जिन्हें चेतावनी दी गई। प्राथमिक विद्यालय शाहपुर में 15 बच्चों में से महज सात बच्चे मिले। इंचार्ज हेडमास्टर मीनाक्षी वाजपेयी और शिक्षामित्र नीलम वाजपेयी एक ही कक्षा में पढ़ाती मिली, जिस पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए हर कक्षाएं स्वतंत्र रूप से संचालित किए जाने का निर्देश दिया।
डलमऊ विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पकरा अमीरन में 61 बच्चों में से 31 बच्चे उपस्थित मिले। साफ-सफाई भी उचित नहीं मिली। प्राथमिक विद्यालय कठगर में 101 बच्चों में से 66 बच्चे उपस्थित मिले। बीएसए के निरीक्षण में सभी जगह पर्याप्त साफ-सफाई न मिलने पर नाराजगी जताते हुए इसमें सुधार लाने की ताकीद की है।