रायबरेली। मुकद्दस रमजान का महीना इसी हफ्ते शुरू होने वाला है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को रमजान के महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है। रमजान के मद्देनजर जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ गई है। विशेष दुकानें भी सज गई हैं, जहां खरीदारी का सिलसिला तेज होने लगा है। इस महीने ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और काफी समय इबादत में गुजराते हैं। विशेष नमाज तरावीह भी पढ़ी जाती है। इसीलिए मस्जिदों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई कराई गई है। बाकी तैयारियां भी पूरी कराई जा रही हैं।
रमजान के महीने की तैयारी एक पखवारा पहले शुरू हो जाती है। कहारों का अड्डा, किला बाजार, तेलियाकोट, स्वराज नगर, खिन्नीतल्ला, खालीसहाट, अली नगर, जफर नगर, सैयद नगर समेत कई मोहल्लों में खास रौनक दिख रही है। इसके अलावा शहर की प्रमुख बाजारों में भी रमजान के मद्देनजर बिक्री बढ़ गई है।
हाफिज मेराज अहमद का कहना है कि रमजान के महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह महीना रहमतों और बरकतों वाला है। सैयद अबु मुस्लिम ने कहा कि रमजान के महीने की खास अहमियत है। इस पूरे महीने ज्यादातर वक्त इबादत में गुजरता है। कारी सुहैल अख्तर रजा का कहना है कि बुधवार को रमजान का चांद देखा जाएगा। अगर चांद निकल आया तो बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा। चांद नजर आते ही उसी रात से इस महीने की विशेष नमाज तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो ईद का चांद नजर आने तक चलेगा। मस्जिदों में नमाज तरावीह की तैयारियां पूरी करा ली गई हैं।
इनसेट
खजूर के साथ खूब बिक रहे चिप्स और पापड़
खजूर की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। इसके अलाव चिप्स और पापड़ भी खरीदे जा रहे हैं। इफ्तार में इनका प्रयोग अधिक होता है। कहारों का अड्डा में दुकान सजाए रिजवान ने बताया कि आलू के साथ ही मूंग, चावल, साबूदाना से बनी एवं पापड़ बिक रहे हैं। आकर्षक डिजाइनों वाली चिप्स की कीमत 60 से 240 रुपये प्रति किग्रा तक है। इसके अलावा 200 ग्राम वाले पापड़ के पैकेट की कीमत 30 से 50 रुपये तक है। सब्जी मंडी तिराहा में दुकान लगाए मो. रजी ने बताया कि अलग-अलग वैराइटी के खजूर उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत भी अलग-अलग है। किराना व्यवसायी पंकज और कमल ने बताया कि बेसन, देसी चने, मटर समेत अन्य सामग्री की बिक्री बढ़ गई है।