रायबरेली। पीएम नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू की अपील का असर शनिवार को भी दिखा। मॉल्स व शॉपिंग सेंटरों के साथ ही अन्य प्रतिष्ठानों के ताले सुबह से ही नहीं खुले। हालांकि शुक्रवार की रात ही प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की टीम ने कई बड़े मॉल्स में पहुंचकर प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसी की नतीजा था कि शनिवार को सुबह से ही प्रतिष्ठानों में ताले लटके रहे।
रोजमर्रा की वस्तुओं वाली दुकानें ही खुली रहीं। लोग रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए बाजार में दिखे लेकिन ज्यादा चहल-पहल नहीं रही। लोग चेहरे पर मास्क व रुमाल बांधकर ही घरों से निकले। कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरह से खत्म करने के लिए शासन-प्रशासन ने कमर कस ली है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की है। इसी के सहारे इस जानलेवा वायरस से बचा जा सकता है।
वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सुबह से ही मॉल्स व शॉपिंग सेंटरों के ताले नहीं खुले। शहर में सन्नाटा देखने को मिला। खाने-पीने, दवा व अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानें ही खुली रहीं। लोग रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए घरों से निकले और सामान खरीदने के बाद घर लौट गए।
शनिवार को सभी सरकारी दफ्तरों में रोज की तरह ही कामकाज हुआ। हालांकि फरियादियों के न आने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर बैठकर काम निपटाते नजर आए। चूंकि वित्तीय वर्ष 31 मार्च को खत्म हो रहा है, इसलिए ज्यादातर अधिकारी व कर्मचारी वित्तीय वर्ष के बजट का हिसाब करने में जुटे रहे। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, सीएमओ कार्यालय सहित अन्य दफ्तरों में लोगों की भीड़ नजर नहीं आई। डीएम का कहना है कि किसी कीमत पर भीड़भाड़ नहीं होने दी जाएगी।