जिले में सर्दी फिर लौट आई है। सोमवार को कोहरा और आसमान में बदली छाई रही। इससे लोग ठिठुर गए। हवा भी चल रही थी। सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया।
दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिली। शाम को फिर आसमान में बदली छा गई।
इधर, सर्दी कम हो गई थी, लेकिन दो दिनों से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सोमवार सुबह आसमान में बदली थी और कोहरे के बीच हवा भी चल रही थी।
ऐसे में लोग ठिठुर गए। लोगों ने अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास किया। दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन सर्दी से राहत लोगों को नहीं मिली।
दो दिनों से आसमान में बदली छा रही, लेकिन बारिश न होने के कारण किसान मायूस हैं। यदि बारिश हो जाए तो रबी की फसलों के लिए सोने में सुहागा साबित हो सकता है।
राही ब्लॉक क्षेत्र के कलसहा के किसान देवता यादव, सुल्तानपुर आइमा के रामधनी, हरचंदपुर क्षेत्र के सलेमपुर के अंकित कुमार का कहना है कि बारिश हो जाए तो गेहूं की फसल को फायदा हो सकता है।
कोहरे का असर ट्रेन और बस संचालन पर भी पड़ा। ट्रेनें जहां कोहरे के चलते लेट रही। वहीं बसें रेंगते हुए चली। इससे यात्रियों को गतंव्य स्थान पहुंचने में लेट हुआ।
वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर तीन घंटे, पंजाब मेल, नौचंदी एक्सप्रेस एक-एक घंटे लेट रही। ट्रेनें लेट होने से यात्रियों में अफरातफरी रही। स्टेशन अधीक्षक डीआर मीना ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनें प्रभावित रही।
उधर, बसें धीमी रफ्तार से सड़कों पर दौड़ी। इस वजह से लखनऊ, कानपुर जाने वाले यात्रियों को देर से गतंव्य स्थान पहुंचना पड़ा। एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि कोहरे के बसों की रफ्तार धीमी रही।