दूसरों को फूलों की खुशबू देने वाला उद्यान विभाग खुद फूलों की महक के लिए तरस रहा है। अफसर देशी फूलों को वाटिकाओं में लगाकर वाहवाही लूटने में लगे हैं।
लोग घरों को सजाने संवाने के लिए लोग उद्यान विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें यहां भी मायूस होना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें प्राइवेट नर्सरी में जाकर महंगे दामों पर फूल के पौधे खरीदने को मजबूर हैं।
जिला उद्यान विभाग में इस समय मौसमी फूलों का टोटा है। केवल गेंदा लगा है। इंदिरा नगर की रहने वाली कल्पना व साधना गुलाब और गेंदा की पौधे खरीदने आई थी।
मनपसंद पौधे न मिलने से वापस लौट गई। नेहरू नगर निवासी प्रमिला, घंटाघर की अनामिका भी गेंदा का पूसा नारंगी पौध खरीदने आई थी, लेकिन उद्यान विभाग विभाग में इस वरायटी का फूल नहीं मिला।
उद्यान विभाग के अफसरों की उदासीनता से दर्जनों लोग पौधे खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
जिला उद्यान अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुलाब की पौध समाप्त हो गई है। नर्सरी डाली गई है, जो एक माह में तैयार हो जाएगी। गेंदा, कुमदनी का फूल उपलब्ध है।
नेहरू नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित प्राइवेट नर्सरी में पौध खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर गुलाब, देहलिया, गेंदा, बदनिया, पितूनिया समेत अन्य प्रजातियों के फूल के पौधे उपलब्ध है।
निजी संचालक उनसे मनमाना शुल्क वसूलते हैं। नर्सरी संचालक कल्लू ने बताया कि यह पेड़ बनारस, कलकत्ता से मंगाते हैं। यह पौध उद्यान विभाग में नहीं मिलते हैं।
यदि उद्यान विभाग में इस तरह पौधे उपलब्ध हो जाए तो जहां लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।