दवाआें के साइड इफेक्ट को देखते हुए सरकार ने कॉम्बिनेशन वाली 344 दवाओं की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। 19 मार्च से ये दवाएं नहीं बिकेंगी। नान कॉम्बिनेशन वाली दवाएं महंगी होने के कारण अब रोगियों को अपनी जेब ढीली करनी होगी।
हालांकि इससे यह फायदा जरूर होगा कि जो बीमारी होगी, उसी की दवा खानी होगी। इससे रोगियों को भी आराम होगा। जिले में करीब 1300 दवा की दुकानें हैं। इन दवाओं में कॉम्बिनेशन वाली दवाओें की बिक्री होती है।
खास बात यह कि दवा दुकानों में 60 प्रतिशत से अधिक दवाएं कॉम्बिनेशन वाली ही हैं। खासकर बुखार, जुकाम व दर्द की तमाम ऐसी दवाएं हैं, जिसमें कई साल्ट मिले हुए हैं। जल्द आराम के लिए रोगी इन दवाआें को खाते हैं।
ये दवाएं मेडिकल स्टोर के अलावा किराने की दुकानों पर भी सामान्य तौर पर देखने को मिलती हैं। कॉम्बिनेशन वाली दवाओं का साइड इफेक्ट होने के कारण सरकार ने ऐसी 344 दवाओं की बिक्री को शनिवार से बंद करने का निर्णय लिया है।