जिले में दवाओं की बिक्री के नाम पर गोरखधंधा किया जा रहा है। औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा की छापेमारी के दौैरान गुरुवार को इसका खुलासा हुआ। डीआई ने गलत बैच नंबर की पांच हजार कीमत की दवाओं को सीज करके बिक्री पर रोक लगा दी। यह दवा एसके इंटर प्राइजेज लखनऊ से खरीदी गई थी।
दुकानदार व एसके इंटर प्राइवेज को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा दो संदिग्ध दवाओं के नमूने भी भरे गए। कई दुकानदार छापे की सूचना पर दुकान बंद कर भाग खड़े हुए, जिन्हें भी डीआई ने नोटिस जारी किया है।
औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा ने सबसे पहले ओम मेडिकल स्टोर नसीराबाद में छापा मारा। यहां पर जांच में ओमी इमपिपयस टैबलेट, एलडी जैसकिक पी टैबलेट के बैच नंबर गलत पाए गए। औषधि निरीक्षक ने बताया कि ये दवा की एसके इंटर प्राइजेज, मेडिसिन मार्केट, लाटूश रोड लखनऊ से खरीदी गई थी।
पांच हजार की इन दो दवाओं को सीज करके बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसमें एसके इंटर प्राइजेज की लापरवाही पाई गई, क्योंकि वहां से भी गलत बैच नंबर क्यों दिया गया। दुकानदार व इंटर प्राइजेज संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि गुप्ता मेडिकल स्टोर भरतगंज से दो संदिग्ध दवाओं डायक्लो प्लस टैबलेट और मैगरान डी टैबलेट के नमूने भरे गए। यहां पर बिल वाउचर नहीं पाया गया। डीआई ने बताया कि रहमत अली मेडिकल स्टोर, अमीन मेडिकल एजेंसी, एजाज मेडिकल स्टोर, राहत मेडिकल स्टोर नसीराबाद के दुकानदार छापे की सूचना पर दुकान बंद करके भाग गए। सभी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि मानक के तहत ही दवाओं की बिक्री करने दी जाएगी।