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फीस के लिए नाम काटा तो विद्यालय पर होगी कार्रवाई

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रायबरेली। जिले के किसी भी बोर्ड या माध्यम से संचालित विद्यालय छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों पर शुल्क जमा करने का दबाव नहीं बना सकते। खासकर फीस के लिए किसी छात्र-छात्रा का नाम काटना स्कूल संचालक को महंगा पड़ सकता है। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने जिलेभर के स्कूलों को चेतावनी जारी की है कि वे ऐसा न करें वरना आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कोविड-19 को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इसे देखते हुए मार्च के अंतिम सप्ताह में जारी हुए शासनादेश के क्रम में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में जिलाधिकारी ने आदेश जारी करके स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी छात्र-छात्रा या अभिभावक पर फीस जमा करने के लिए दबाव न बनाया जाए और न ही उन्हें परेशान किया जाए। बीएसए ने बताया कि इस आदेश के बाद भी अभिभावकों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि विभिन्न माध्यमों से शुल्क जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है और शासन व जिलाधिकारी के आदेशों के विपरीत कृत्य है।
बीएसए श्री शर्मा ने जिले में संचालित समस्त बोर्ड एवं समस्त माध्यम के विद्यालय प्रबंधकों को फिर से निर्देशित किया है कि अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव कदापि न बनाएं। एक साथ तीन महीने के शुल्क के लिए भी दबाव न बनाएं। किसी भी स्थिति में शुल्क के कारण किसी छात्र-छात्रा का नाम पृथक न किया जाए। आदेशों का उल्लंघन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के अंतर्गत दंडनीय है। ऐसी दशा में विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कठोर एवं दंडनीय विभागीय कार्यवाही की जाएगी। बीएसए ने बताया कि सभी बीईओ को आदेशों का अनुपालन कराने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
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